
📍 सक्ती / जांजगीर-चांपा (छत्तीसगढ़)
🟥 फर्जी पट्टा, दोहरी जनगणना एंट्री और पद के दुरुपयोग का बड़ा आरोप — कलेक्टर से सख्त कार्रवाई की मांग
जिले में प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां एक शासकीय कर्मचारी पर फर्जीवाड़ा और पद के दुरुपयोग जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। मामले को लेकर शिकायतकर्ता ने कलेक्टर सक्ती को दोबारा आवेदन देकर तत्काल जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
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🔥 क्या हैं मुख्य आरोप?
शिकायतकर्ता गौरी शंकर गुप्ता ने आरोप लगाया है कि—
जीवन लाल चौधरी ने शासकीय सेवा में रहते हुए अपने पद का गलत इस्तेमाल किया
फर्जी तरीके से शासकीय भूमि का पट्टा बनवाया
नगर पंचायत चंद्रपुर से अवैध भवन अनुज्ञा (बिल्डिंग परमिशन) हासिल की
सबसे गंभीर आरोप—2011 की जनगणना सूची में खुद और अपने परिवार का नाम दो अलग-अलग स्थानों पर दर्ज कराया
👉 यह पूरा मामला सरकारी रिकॉर्ड में हेरफेर और नियमों की अनदेखी का संकेत देता है।
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📅 पहले भी हुई थी शिकायत, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई
26 जून 2025 को जनदर्शन में पहली शिकायत
5 अगस्त 2025 को स्मरण पत्र
अब तक कोई जांच या कार्रवाई नहीं
इसी वजह से शिकायतकर्ता ने अब द्वितीय स्मरण पत्र देकर प्रशासन पर सवाल उठाए हैं।
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📂 सबूत भी किए गए संलग्न
आवेदन के साथ कई दस्तावेज प्रस्तुत किए गए हैं, जिनमें—
मूल शिकायत की कॉपी
कथित फर्जी भूमि पट्टा
अवैध भवन अनुज्ञा पत्र
2011 की जनगणना सूची की प्रतिलिपि
👉 यानी शिकायत केवल आरोपों तक सीमित नहीं, बल्कि दस्तावेजों के साथ की गई है।
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⚖️ कानूनी नजर से कितना गंभीर मामला?
यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला—
शासकीय दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा
पद के दुरुपयोग
और संभवतः धोखाधड़ी (Fraud)
की श्रेणी में आ सकता है, जिसमें कड़ी कार्रवाई और कानूनी प्रावधान लागू हो सकते हैं।
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🗣️ अब प्रशासन की परीक्षा
यह मामला सीधे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा कर रहा है—
👉 क्या शिकायत पर समय रहते कार्रवाई होगी?
👉 या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा?
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सक्ती जिले में सामने आया यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की पारदर्शिता पर सवाल खड़ा करता है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस पर कितनी तेजी और निष्पक्षता से कार्रवाई करता है।
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