11 सूत्रीय मांगों को लेकर कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन का प्रदर्शन, मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
महंगाई भत्ता एरियर्स, समयमान वेतनमान, सेवा गणना सहित लंबित मांगों के निराकरण की मांग

11 सूत्रीय मांगों को लेकर कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन का प्रदर्शन, मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
महंगाई भत्ता एरियर्स, समयमान वेतनमान, सेवा गणना सहित लंबित मांगों के निराकरण की मांग
जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन से संबद्ध संगठनों के आह्वान पर चतुर्थ चरण आंदोलन के तहत जिले में कर्मचारी-अधिकारियों ने अपनी 11 सूत्रीय लंबित मांगों को लेकर जिला मुख्यालय में प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने भोजनावकाश के समय एकत्र होकर शासन के खिलाफ नाराजगी जताई और मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।
फेडरेशन के पदाधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के शासकीय सेवकों को देय महंगाई भत्ता, लंबित एरियर्स तथा अन्य मांगों के संबंध में लंबे समय से शासन-प्रशासन को अवगत कराया जा रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है, जिससे कर्मचारियों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।
इस दौरान कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के जिला संयोजक विश्वनाथ सिंह परिहार, जिला महासचिव अर्जुन सिंह क्षत्रिय, जिला सह संयोजक व्ही.के. पैगवार, प्रदेश उपाध्यक्ष रविन्द्र राठौर, धर्मेन्द्र यादव, डॉ. रविन्द्र द्विवेदी, भुवनेश्वर देवांगन, विकास सिंह, फिरत किरण, राधेश्याम कंवर, निधिलता जायसवाल, यू.एस. राठिया, नरेंद्र सिंह, एच.एस. सोनी, सुभाष थवाईत, राजेन्द्र जायसवाल, राजीव नयन शुक्ला, शत्रुहन राठौर, प्रवीण राठौर, जगन्नाथ श्रीवास, मदन लाल, लक्ष्मीनारायण तिवारी, जय तिवारी सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी-अधिकारी उपस्थित रहे।
सभी ने मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिला कलेक्टर जन्मेजय महोबे को सौंपा।
प्रमुख मांगें
ज्ञापन में कर्मचारियों ने प्रमुख रूप से निम्न मांगें रखीं —
जुलाई 2016 से लंबित महंगाई भत्ता एरियर्स जीपीएफ खाते में समायोजित किया जाए
8-16-24-32 वर्ष में चार स्तरीय समयमान वेतनमान लागू किया जाए
अर्जित अवकाश नगदीकरण 300 दिवस किया जाए
वेतन विसंगतियों का निराकरण किया जाए
शिक्षकों की प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना कर सभी लाभ दिए जाएं
सहायक शिक्षकों व सहायक पशु चिकित्सा अधिकारियों को त्रिस्तरीय समयमान वेतनमान दिया जाए
अनुकंपा नियुक्ति में 10% सीमा समाप्त की जाए
पंचायत सचिवों का शासकीयकरण किया जाए
नगरीय निकाय कर्मचारियों को नियमित वेतन व समयबद्ध पदोन्नति दी जाए
सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष की जाए
संविदा, दैनिक वेतनभोगी व अनियमित कर्मचारियों का नियमितीकरण किया जाए
फेडरेशन के जिला संयोजक विश्वनाथ सिंह परिहार और जिला महासचिव अर्जुन सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन प्रदेश के 132 संगठनों का प्रतिनिधित्व करता है और कर्मचारियों की जायज मांगों को लेकर लगातार आंदोलन कर रहा है। उन्होंने कहा कि यदि शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो आगे आंदोलन तेज किया जाएगा।



