धान खरीदी संकट: 15 सोसाइटी के प्रतिनिधियों के साथ किसान पहुंचे कलेक्ट्रेट, टोकन नहीं मिलने से बढ़ी परेशानी

धान खरीदी संकट: 15 सोसाइटी के प्रतिनिधियों के साथ किसान पहुंचे कलेक्ट्रेट, टोकन नहीं मिलने से बढ़ी परेशानी

जांजगीर-चांपा। जिले में धान खरीदी को लेकर किसानों की समस्या गहराती जा रही है। अपने मेहनत से उगाए गए धान की बिक्री नहीं होने से परेशान किसान 15 सहकारी सोसाइटी के प्रतिनिधि मंडल के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रशासन के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं।



कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचने से पहले प्रशासन ने एहतियातन मुख्य द्वार बंद करा दिया था और पुलिस बल तैनात कर दिया गया। बाद में नायब तहसीलदार के माध्यम से पांच किसानों के प्रतिनिधिमंडल को भीतर ले जाकर डिप्टी कलेक्टर शशि कुमार चौधरी से मुलाकात कराई गई, जहां किसानों ने विस्तार से अपनी समस्याएं रखीं।

सोसाइटी प्रतिनिधियों ने बताया कि शासन द्वारा मांगे गए सभी आवश्यक दस्तावेज जमा करने के बावजूद अनेक किसानों को धान बेचने के लिए टोकन जारी नहीं किया गया। टोकन नहीं मिलने के कारण किसान समर्थन मूल्य पर धान बेचने से वंचित रह गए हैं। किसानों ने सवाल उठाया कि जब सभी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है, तो आखिर टोकन जारी क्यों नहीं किया जा रहा?

कई किसानों ने यह भी बताया कि सोसाइटी में पूर्व का कर्ज बकाया होने के बाद  भी उनका धान नहीं खरीदा गया। ऐसे में न तो उनका कर्ज समायोजित हो पा रहा है और न ही आगामी फसल के लिए नया ऋण मिल पाने की स्थिति बन रही है। यदि किसानों का बकाया धान बिक्री से पूरा नहीं होगा तो इसका सीधा असर सहकारी सोसाइटी की आर्थिक स्थिति पर भी पड़ेगा।

इस दौरान अकलतरा क्षेत्र के किसान भी शामिल हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस वर्ष धान बेचने की प्रक्रिया को पंजीयन, सत्यापन और प्रमाणीकरण जैसी नई व्यवस्थाओं के कारण जटिल बना दिया गया है, जिससे किसानों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पहले टोकन प्रणाली के तहत निर्धारित तिथि पर धान तौलकर भुगतान सीधे खाते में आ जाता था, लेकिन इस बार कई किसान प्रक्रिया पूरी करने के बावजूद बिक्री से वंचित रह गए।

किसानों ने शासन से मांग की है कि बचे हुए किसानों का धान खरीदने के लिए ठोस और पारदर्शी व्यवस्था की जाए। उनका कहना है कि यदि अन्न उत्पादन करने वाला किसान ही अपनी उपज का उचित मूल्य नहीं पा सकेगा, तो खेती-किसानी पर गंभीर संकट खड़ा हो सकता है। किसानों ने चेतावनी दी है कि समस्या का समाधान शीघ्र नहीं हुआ तो आंदोलन की रूपरेखा भी बनाई जा सकती है।

डिप्टी कलेक्टर शशि कुमार चौधरी ने किसानों को आश्वासन देते हुए कहा है कि उनकी बातों को ऊपर के वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष पेश करेंगे और समाधान के लिए बात करेंगे।

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