







पोस्ट ऑफिस एजेंट पर करोड़ों की ठगी का आरोप, मेहनत की कमाई लेकर फरार
चांपा।
यूँ तो आए दिन ठगी के मामले सामने आते रहते हैं, लेकिन चांपा नगर से एक ऐसा मामला प्रकाश में आया है जिसने छोटे से लेकर बड़े तबके तक के लोगों को झकझोर कर रख दिया है। नगर में पोस्ट ऑफिस एजेंट के रूप में कार्य कर रहे एक व्यक्ति पर लोगों की वर्षों की मेहनत की कमाई हड़प कर फरार होने का गंभीर आरोप लगा है।
क्या है पूरा मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार चांपा नगर के भोजपुर निवासी दीपक देवांगन पोस्ट ऑफिस का एजेंट बनकर कार्य करता था। उसने नगर के विभिन्न वर्गों के लोगों—व्यापारी, दुकानदार, मजदूर, ठेला चलाने वाले सहित आम नागरिकों—का भरोसा जीतकर पोस्ट ऑफिस में खाते खुलवाए। प्रारंभ में उसने खाताधारकों की पहली किस्त पोस्ट ऑफिस में जमा कर विश्वास बनाया, लेकिन इसके बाद ठगी का खेल शुरू हो गया।
आरोप है कि दीपक देवांगन लोगों से नियमित रूप से किस्त की राशि यह कहकर लेता रहा कि वह पोस्ट ऑफिस में जमा कर देगा, जबकि आज दिनांक तक अधिकांश खाताधारकों की रकम उनके खातों में जमा ही नहीं की गई।
ऐसे हुआ खुलासा
मामले का खुलासा तब हुआ जब कुछ दिनों से दीपक लोगों के पास किस्त लेने नहीं पहुँचा। संदेह होने पर लोगों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन पता चला कि वह नगर से फरार हो चुका है। जब पीड़ित उसके घर पहुँचे तो परिजनों ने बताया कि दीपक एक पत्र छोड़कर गया है, जिसमें किसी अधिकारी से लेन-देन और अधिक रकम की मांग जैसी बातें लिखी होने का उल्लेख है।
इसके बाद नगर में आक्रोश फैल गया। पीड़ितों ने एकजुट होकर फरार एजेंट दीपक देवांगन निवासी भोजपुर के खिलाफ थाना चांपा में लिखित शिकायत आवेदन सौंपते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
मामला गंभीर, करोड़ों की ठगी की आशंका
पोस्ट ऑफिस के माध्यम से बचत की परंपरा वर्षों पुरानी है, जिस पर आम जनता का गहरा विश्वास रहा है। लेकिन इस तरह के फर्जी या बेईमान एजेंटों द्वारा की गई ठगी से न सिर्फ लोगों की जमा-पूंजी डूबती है, बल्कि पूरी व्यवस्था की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े हो जाते हैं।
बताया जा रहा है कि दीपक देवांगन द्वारा ठगी गई कुल रकम करोड़ों रुपये तक हो सकती है, हालांकि वास्तविक आंकड़ा जांच के बाद ही सामने आ सकेगा।
पुलिस से न्याय की उम्मीद
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि उनके साथ बहुत बड़ा धोखा हुआ है और उन्होंने पुलिस को आवेदन सौंपकर जल्द से जल्द सख्त कार्रवाई की मांग की है। अब देखना यह होगा कि आवेदन मिलने के बाद पुलिस इस मामले में क्या कदम उठाती है और पीड़ितों को कब तक न्याय मिल पाता है।




