
केंद्रीय बजट मध्यम वर्ग पर बोझ, आर्थिक विषमता बढ़ाने वाला : नागेंद्र गुप्ता
जांजगीर-चांपा।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा आज पेश किए गए केंद्रीय बजट 2026-27 पर प्रतिक्रिया देते हुए जिला कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता नागेंद्र गुप्ता ने कहा कि सरकार ने विकास और निवेश की बातें तो की हैं, लेकिन यह बजट मध्यम वर्ग की उम्मीदों पर पूरी तरह विफल साबित हुआ है।
नागेंद्र गुप्ता ने कहा कि बजट में आयकर स्लैब या दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। ऐसे समय में जब मध्यम वर्ग पहले से ही महंगाई, शिक्षा, स्वास्थ्य और ऊंची ब्याज दरों के बोझ से दबा है, सरकार ने उसे कोई नई राहत नहीं दी।
उन्होंने कहा कि होम लोन ब्याज पर डिडक्शन की सीमा आज भी 2 लाख रुपये पर ही बनी हुई है, जबकि इसे 5 लाख रुपये तक बढ़ाने की उम्मीद की जा रही थी। इसका सीधा असर उन मध्यम वर्गीय परिवारों पर पड़ेगा, जो घर खरीदने का सपना देख रहे हैं। खासकर शहरों में, जहां संपत्ति की कीमतें पहले से ही आसमान छू रही हैं, वहां आवास अब और भी दूर की कौड़ी बनता जा रहा है।
नागेंद्र गुप्ता ने आरोप लगाया कि इस बजट से आर्थिक विषमता और गहरी होगी। जहां एक ओर कैपिटल गेंस और निवेश से जुड़े कर लाभ यथावत रखे गए हैं, जिनका फायदा मुख्य रूप से अमीर वर्ग को मिलता है, वहीं मध्यम वर्ग को कोई प्रत्यक्ष कर राहत नहीं दी गई है।
उन्होंने कहा,
“आज मध्यम वर्ग समृद्धि के लिए नहीं, बल्कि केवल जीवित रहने के लिए कर चुका रहा है। विकास के नाम पर जो लाभ बताए जा रहे हैं, वे ऊपर के वर्ग तक सीमित हैं।”
उन्होंने यह भी कहा कि आर्थिक मंदी के दौर में उपभोग बढ़ाने के लिए सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया, जिससे मध्यम वर्ग की क्रय शक्ति कमजोर होगी और इसका असर पूरे बाजार पर पड़ेगा।
कुल मिलाकर यह बजट मध्यम वर्ग की अनदेखी, आवास को महंगा करने और आर्थिक असमानता बढ़ाने वाला बजट है।




