


मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना से 12.50 लाख की स्वीकृति, अप्लास्टिक एनीमिया पीड़ित युवक का इलाज शुरू
जांजगीर-चांपा। भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश प्रवक्ता एवं समाजसेवी इंजीनियर रवि पाण्डेय के प्रयासों से जांजगीर के 24 वर्षीय अमित राठौर के इलाज के लिए मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के अंतर्गत 12.50 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai द्वारा राशि स्वीकृत होने के बाद रायपुर स्थित Sanjeevani Cancer Care Hospital Unit 2 में अमित राठौर का उपचार शुरू हो गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार अमित राठौर अपनी मां पुष्पलता राठौर के साथ आईबी रेस्ट हाउस नहर पार जांजगीर में निवास करता है। पिता के निधन के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर हो गई थी। अमित अपने रिश्तेदारों के निजी व्यवसाय में काम कर जीवन यापन कर रहा था। इसी दौरान तबीयत खराब होने पर जांच में उसे अप्लास्टिक एनीमिया नामक गंभीर बीमारी होने का पता चला। चिकित्सकों के अनुसार इस बीमारी का इलाज बोन मैरो ट्रांसप्लांट या एटीजी इंजेक्शन के माध्यम से संभव है, जिसके लिए काफी अधिक खर्च की आवश्यकता होती है।
इलाज का खर्च सुनकर परिजन चिंतित हो गए, जिसके बाद वे समाजसेवी इंजीनियर रवि पाण्डेय के जनसंपर्क कार्यालय पहुंचे और सहायता की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए इंजीनियर पाण्डेय ने तत्काल मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत मदद दिलाने के लिए मुख्यमंत्री से निवेदन किया और पूरी प्रक्रिया पूर्ण होने तक परिवार की लगातार सहायता करते रहे।
इस बीच अमित की तबीयत अधिक खराब होने पर उसे तत्काल रायपुर के संजीवनी कैंसर केयर हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। इंजीनियर रवि पाण्डेय स्वयं अस्पताल पहुंचकर मरीज से मुलाकात की और नया रायपुर स्थित आयुष्मान भारत कार्यालय जाकर प्रक्रिया में तेजी लाने का आग्रह किया।
अंततः मुख्यमंत्री द्वारा 12.50 लाख रुपये की स्वीकृति मिलने के बाद इलाज शुरू हो गया। अमित की मां पुष्पलता राठौर ने दूरभाष के माध्यम से इंजीनियर रवि पाण्डेय का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि उनके बेटे का उपचार जारी है।
इंजीनियर रवि पाण्डेय ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की संवेदनशीलता के कारण ही यह सहायता संभव हो पाई है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि साय सरकार आगे भी जरूरतमंदों की मदद करती रहेगी। उन्होंने यह भी बताया कि पूर्व में भी कई जरूरतमंदों को सहायता दिलाने के लिए वे प्रयास कर चुके हैं।




