







🔴 अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस पर सादगी, सम्मान और संस्कृति का संगम
🍚 विधायक कार्यालय में ‘बोरे बासी’ के साथ मनाया गया मजदूर दिवस
1 मई को अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर विधायक कार्यालय में एक अनोखा और सादगीपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर विधायक व्यास कश्यप ने मजदूरों और कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर पारंपरिक व्यंजन ‘बोरे बासी’ का आनंद लिया। कार्यक्रम में श्रमिकों के सम्मान के साथ-साथ छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति और परंपरा की झलक भी देखने को मिली।
🤝 मजदूरों के साथ बैठकर किया भोजन, दिया सम्मान का संदेश
विधायक व्यास कश्यप ने इस खास दिन पर मजदूरों के बीच बैठकर भोजन किया और उनके कठिन परिश्रम, समर्पण और समाज निर्माण में उनकी अहम भूमिका को सराहा। उन्होंने कहा कि मजदूर वर्ग देश और प्रदेश की विकास यात्रा की रीढ़ है, जिनके बिना किसी भी निर्माण की कल्पना अधूरी है। इस दौरान उन्होंने श्रमिकों से संवाद कर उनकी समस्याएं भी सुनीं।
🌾 ‘बोरे बासी’ को बताया छत्तीसगढ़ की पहचान
विधायक ने कहा कि ‘बोरे बासी’ केवल एक व्यंजन नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपरा और जीवनशैली का प्रतीक है। गर्मी के मौसम में यह पारंपरिक भोजन शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी होता है। उन्होंने इसे छत्तीसगढ़ियों की पहचान बताते हुए कहा कि इस तरह के आयोजनों से हमारी जड़ों और परंपराओं से जुड़ाव बना रहता है।
🎉 सांस्कृतिक जुड़ाव और एकता का संदेश
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और स्थानीय लोग शामिल हुए। सभी ने मिलकर इस आयोजन को उत्साह और भाईचारे के माहौल में मनाया। ‘बोरे बासी’ जैसे पारंपरिक व्यंजन के माध्यम से न केवल मजदूरों का सम्मान किया गया, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ने का भी संदेश दिया गया।
इस आयोजन ने यह स्पष्ट किया कि मजदूर दिवस केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि श्रमिकों के प्रति सम्मान, समानता और अपनत्व का प्रतीक है, जिसे सादगी और परंपरा के साथ मनाया जाना चाहिए।




