












जांजगीर-चांपा: सुशासन तिहार 2026 के तहत जनसमस्या निवारण शिविर में उमड़ा जनसैलाब, मौके पर समाधान से मिली राहत
जांजगीर-चांपा जिले में सुशासन तिहार 2026 के तहत प्रशासनिक सक्रियता चरम पर है। शासन की मंशा के अनुरूप आम जनता की समस्याओं का त्वरित और पारदर्शी समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लगातार जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में चांपा नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 1 स्थित रुद्रशरण सिंह भवन में एक व्यापक शिविर का आयोजन किया गया, जहां सुबह से ही लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।
शिविर में जिले के विभिन्न विभागों—राजस्व, नगर पालिका, सामाजिक कल्याण, आयुष, महिला एवं बाल विकास, पुलिस एवं विद्युत विभाग—की संयुक्त उपस्थिति देखने को मिली। सभी विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी अपने-अपने काउंटर पर मौजूद रहकर नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए उनका तत्काल निराकरण करने में जुटे रहे। कई मामलों में मौके पर ही समाधान कर हितग्राहियों को राहत दी गई, जिससे लोगों में संतोष का माहौल नजर आया।
राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली इस शिविर में विशेष रूप से प्रभावी रही। तहसीलदार प्रशांत पटेल की उपस्थिति में कई लंबित प्रकरणों का मौके पर निराकरण किया गया। दो आवेदकों को तत्काल राहत देते हुए एक को ऋण पुस्तिका प्रदान की गई, जबकि दूसरे प्रकरण में फौती नामांतरण की प्रक्रिया पूरी कर बी-1 खसरा तैयार कर मौके पर ही आवेदक को सौंप दिया गया। इस त्वरित कार्यवाही ने प्रशासनिक तत्परता का उदाहरण प्रस्तुत किया।
नगर पालिका से संबंधित समस्याएं भी बड़ी संख्या में सामने आईं। नागरिकों ने खराब सड़कों, जल निकासी, सफाई व्यवस्था और अन्य मूलभूत सुविधाओं को लेकर शिकायतें दर्ज कराईं। एक शिकायत नगर पालिका अधिकारी के खिलाफ भी सामने आई, जिसमें शिकायतकर्ता ने लापरवाही, जवाबदेही की कमी और जनसमस्याओं के प्रति उदासीनता का आरोप लगाते हुए उनके स्थानांतरण की मांग की। इस दौरान “सीएमओ हटाओ, चांपा बचाओ” जैसे नारे भी सुनाई दिए, जो लोगों की नाराजगी को दर्शाते हैं।
बिजली विभाग को भी लोगों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। बार-बार बिजली कटौती, लो वोल्टेज और तकनीकी समस्याओं को लेकर नागरिकों ने खुलकर अपनी शिकायतें रखीं और शीघ्र समाधान की मांग की।
शिविर में आयुष विभाग की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही। बीडीएम अस्पताल में संचालित आयुष सेवाओं के प्रति लोगों की बढ़ती रुचि पर प्रकाश डाला गया। आयुर्वेद पद्धति से उपचार के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ता दिखाई दे रहा है, जिसके चलते मरीजों की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है।
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जनजागरूकता को लेकर विशेष पहल की गई। विभाग ने पोस्टरों और सूचना सामग्री के माध्यम से बाल विवाह को सामाजिक अभिशाप बताते हुए इसके दुष्परिणामों से अवगत कराया। साथ ही बाल श्रम पर रोक, महिला सुरक्षा और संकट में फंसी महिलाओं के लिए उपलब्ध टोलफ्री हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी देकर लोगों को जागरूक किया गया। इस पहल को लोगों ने सराहा और जानकारी लेने में रुचि दिखाई।
पुलिस विभाग द्वारा साइबर अपराधों से बचाव को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। वर्तमान में बढ़ते साइबर फ्रॉड के मामलों को देखते हुए नागरिकों को सतर्क रहने, अनजान कॉल, लिंक और ओटीपी साझा न करने की सलाह दी गई। इस दौरान पार्षद एवं जागरूक नागरिक महेंद्र तिवारी ने भी लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति सचेत किया।
शिविर में जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी भी देखने को मिली। तहसीलदार प्रशांत पटेल, नगर पालिका अध्यक्ष प्रदीप नामदेव, पार्षद महेंद्र तिवारी, संजय सोनी, रामरतन साहू, ईश्वर देवांगन, श्रीमती पुष्पा अनीश सिंह सहित अन्य पार्षदगण उपस्थित रहे। इसके अलावा महिला एवं बाल विकास विभाग तथा चाइल्ड हेल्पलाइन से अलका जी, थाना प्रभारी चांपा अशोक वैष्णव, अभिषेक त्रिपाठी, गिरीश मोदी, गौतम यादव, विक्रांत बघेल, सलीम मेमन, कार्तिकेश्वर स्वर्णकार,संतोष सोनी,पुरुषोत्तम देवांगन, ललित देवांगन,श्रीमती अंजलि देवांगन, श्रीमती रजनी देवांगन, भगवंती साहू, हरीश पांडेय, मोनी मिश्रा,मुकेश राठौर, मुख्य नगर पालिका अधिकारी रामसंजीवन सोनवानी, कार्यपालन अभियंता योगेश राठौर बिजली विभाग से ए.ई भूपेश साहू सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, पुलिस बल और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन भास्कर शर्मा द्वारा किया गया। पूरे शिविर के दौरान व्यवस्थाएं सुचारू रहीं और नागरिकों को विभागवार मार्गदर्शन मिलता रहा। हालांकि शिविर में प्राप्त कुल शिकायतों एवं मांगों का आधिकारिक आंकड़ा अभी तक सामने नहीं आया है, लेकिन लोगों की भारी उपस्थिति और मौके पर हुए निराकरण से यह स्पष्ट है कि इस पहल से आम जनता को सीधा लाभ मिल रहा है।
सुशासन तिहार के तहत आयोजित ऐसे शिविर प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का माध्यम बन रहे हैं, जिससे शासन की योजनाएं जमीनी स्तर तक प्रभावी रूप से पहुंच रही हैं।




