

जांजगीर-चांपा / बलौदा से जुड़ी खबर
जनपद पंचायत बलौदा द्वारा कलेक्टर को भेजा गया आवेदन, आदिवासी मोहल्ले में हैंडपंप की मांग
जिले के जनपद पंचायत बलौदा अंतर्गत ग्राम पंचायत क्षेत्र से एक महत्वपूर्ण मामला सामने आया है, जहां आदिवासी (अनुसूचित जनजाति) मोहल्ले में पेयजल की गंभीर समस्या को लेकर प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की गई है।
प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार, जनपद पंचायत सदस्य प्रेमसागर पटेल द्वारा कलेक्टर जांजगीर-चांपा को पत्र लिखकर ग्राम पंचायत ढोरला के आश्रित ग्राम शनिचरा-दमामी स्थित धनुहार (अनुसूचित जनजाति) मोहल्ले में हैंडपंप खनन की स्वीकृति मांगी गई है।
📄 क्या है पूरा मामला?
गांव में लगभग 12–15 आदिवासी परिवार निवास करते हैं
ये लोग वर्तमान में बंधे (जलाशय) के पानी पर निर्भर हैं
क्षेत्र में शुद्ध पेयजल की सुविधा उपलब्ध नहीं है
साथ ही, वहां बिजली व्यवस्था भी नहीं होने की बात सामने आई है
पत्र में उल्लेख किया गया है कि इन परिवारों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए एक हैंडपंप की तत्काल आवश्यकता है।
📝 ग्रामीणों ने भी दिया आवेदन
दूसरे दस्तावेज (हस्तलिखित आवेदन) में ग्रामीणों ने भी अपनी समस्या रखते हुए बताया:
वे जलाशय के पानी का उपयोग करने को मजबूर हैं
पीने योग्य पानी की भारी कमी है
बिजली सुविधा भी नहीं है
उन्होंने जल्द से जल्द जल एवं बिजली व्यवस्था सुधारने की मांग की है
इस आवेदन में कई ग्रामीणों के हस्ताक्षर भी शामिल हैं।
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⚠️ महत्वपूर्ण बात
यह मामला मूलभूत सुविधाओं (पानी और बिजली) से जुड़ा है, जो सीधे तौर पर ग्रामीणों के स्वास्थ्य और जीवन स्तर को प्रभावित करता है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस पर कितनी जल्दी कार्रवाई करता है।





