








नया चांपा में कथित धर्मांतरण का मामला, बजरंग दल ने किया विरोध
सूचना पर पहुंची पुलिस, पूछताछ के बाद बिना कार्रवाई लौटी
चांपा।
नया चांपा क्षेत्र के एक घर में कथित रूप से लंबे समय से धर्मांतरण का खेल चलने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि यहां क्रमबद्ध और गुप्त तरीके से लोगों को घर बुलाकर प्रार्थना सभा के माध्यम से धर्म परिवर्तन कराया जा रहा था।
मामले की जानकारी मिलने पर बजरंग दल चांपा के प्रमुख संजीव विश्वकर्मा अपने कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंचे। स्थिति की पुष्टि होने के बाद उन्होंने तत्काल चांपा पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और वहां मौजूद लोगों से पूछताछ की।
बताया गया कि उस समय घर में महिलाओं की संख्या अधिक थी। पूछताछ के दौरान स्थानीय लोगों ने विरोध करते हुए कहा कि इस घर में रोजाना इसी तरह की गतिविधियां होती हैं और बाहर के लोग भी यहां आते-जाते रहते हैं। हालांकि स्थिति को देखते हुए पुलिस बिना किसी ठोस कार्रवाई के वापस लौट गई।
इधर, बजरंग दल द्वारा इस गतिविधि का कड़ा विरोध किया गया। मौके पर जमकर तर्क-वितर्क हुआ। वहां मौजूद एक महिला ने बहस के दौरान कहा कि “नौ दिन दिन-रात चलने वाले धार्मिक कार्यक्रम भी गलत हैं।” इस पर बजरंग दल प्रमुख संजीव विश्वकर्मा ने कहा कि “हनुमान चालीसा का पाठ आगे भी किया जाएगा, लेकिन धर्म परिवर्तन के लिए भोले-भाले लोगों को घर बुलाकर गुप्त प्रार्थना कराना गलत है। इसके लिए चर्च बने हुए हैं, वहीं जाकर प्रार्थना करें।”
वहीं, कथित धर्मांतरण कार्यक्रम में शामिल एक महिला का कहना था कि “किस धर्म को मानना है या नहीं, यह हमारा व्यक्तिगत अधिकार है।”
मामले को लेकर बजरंग दल प्रमुख संजीव विश्वकर्मा ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि,
“हम सनातनी हैं। यदि कहीं भी गलत तरीके से धर्मांतरण होता पाया गया तो पहले समझाइश दी जाएगी, लेकिन इसके बाद भी गतिविधियां बंद नहीं हुईं तो उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी धर्मांतरण कराने वालों की होगी। यदि पुलिस द्वारा कार्रवाई नहीं की जाती है तो प्रदेश स्तर तक इसकी शिकायत की जाएगी।”
फिलहाल मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है और पुलिस की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
इस मामले में तहसीलदार प्रशांत पटेल ने प्रतिक्रिया देते हुए बताया है कि चांपा पुलिस से मैने इस प्रकरण को लेकर पूछताछ किया है तो पुलिस ने इस प्रकरण में नोटिस जारी करना बताया है




