


निजी अस्पताल पर लापरवाही का आरोप, इलाज के दौरान युवक की मौत
परिजनों ने की कड़ी कार्रवाई की मांग, पुलिस जांच में जुटी
चांपा।
कोरबा जिले के करतला थाना क्षेत्र अंतर्गत कुदमुरा निवासी जितेंद्र कुमार झारिया (उम्र 25 वर्ष) की चांपा स्थित एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। जितेंद्र पिछले तीन दिनों से अस्पताल में भर्ती था और सिक्लिंग (सिकल सेल) बीमारी के इलाज के लिए चांपा आया था।
मृतक के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि अस्पताल में डॉक्टर की अनुपस्थिति में केवल स्टाफ नर्सों द्वारा इलाज किया जा रहा था। आरोप है कि ब्लड चढ़ाने के बाद अचानक जितेंद्र को सांस लेने में परेशानी होने लगी।
परिजनों के अनुसार, उस समय अस्पताल में डॉ. मनीष श्रीवास्तव मौजूद नहीं थे, जिसके बाद स्टाफ द्वारा आनन-फानन में एक इंजेक्शन लगाया गया। जब परिजनों ने इंजेक्शन के बारे में पूछा तो स्टाफ ने बताया कि मरीज की तकलीफ के अनुसार दवा दी गई है और इससे उसे आराम मिलेगा व वह सो जाएगा।
परिजनों का आरोप है कि इंजेक्शन लगने के बाद जितेंद्र की हालत और बिगड़ गई और कुछ ही समय में उसकी मौत हो गई।
घटना की जानकारी मिलने पर मृतक के रिश्तेदार दुर्गा प्रसाद वस्त्रकार ने अस्पताल प्रबंधन पर गलत इलाज के कारण मौत होने का आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है। परिजनों का यह भी कहना है कि अस्पताल में इलाज करने वाले स्टाफ की योग्यता और अधिकारों की भी जांच होनी चाहिए।
मरीज की मौत के बाद परिजनों ने तत्काल थाना चांपा को सूचना देकर लिखित आवेदन सौंपा। सूचना मिलते ही चांपा पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए मृतक के इलाज से संबंधित दवाइयों और दस्तावेजों को जब्त कर लिया है। मृतक के शव को शासकीय बीडीएम अस्पताल की मर्चुरी में सुरक्षित रखवाया गया है।
पुलिस ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराए जाने के बाद परिजनों को सौंपा जाएगा तथा मामले की जांच जारी है।
घटना के बाद अस्पताल परिसर में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
परिजनों की मांग है कि लापरवाह डॉक्टर और अस्पताल स्टाफ के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए।




