


हसदेव नदी बनती जा रही है आत्महत्या की घटनाओं का केंद्र?
दूर-दराज़ से क्यों पहुंच रहे हैं लोग यहां अपनी जान देने
चांपा।
हसदेव नदी इन दिनों आत्महत्या की घटनाओं को लेकर लगातार चर्चा में है। बीते कुछ वर्षों में जिस तरह से यहां जान देने की घटनाएं सामने आ रही हैं, उसने आमजन के साथ-साथ प्रशासन को भी चिंता में डाल दिया है। सवाल यह उठता है कि आखिर ऐसी क्या वजह है, जो लोगों को दूर-दूर से हसदेव नदी की ओर खींच ला रही है।
जानकारी के अनुसार, यह सिलसिला आज का नहीं है। कुछ वर्ष पूर्व जांजगीर निवासी एक व्यक्ति ने हसदेव नदी में कूदकर आत्महत्या की थी। इसके बाद से लगातार ऐसी घटनाएं सामने आती रही हैं। हाल ही में बिलासपुर जिले के मरवाही क्षेत्र के एक व्यक्ति ने भी इसी नदी में डूबकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली थी।
ताजा मामला मंगलवार देर रात का बताया जा रहा है, जब जांजगीर निवासी एक व्यक्ति के हसदेव नदी में कूदने की सूचना मिली। घटना को 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी डूबे हुए व्यक्ति का शव बरामद नहीं हो सका है। राहत एवं बचाव कार्य के लिए एसडीआरएफ (SDRF) की टीम लगातार सर्च ऑपरेशन में जुटी हुई है, लेकिन अब तक कोई सफलता नहीं मिल पाई है।
इस मामले में भी पहले की घटनाओं जैसी समानताएं सामने आई हैं। पुल पर व्यक्ति की गाड़ी खड़ी मिली, हालांकि इस बार गाड़ी बिना नंबर की बताई जा रही है, जबकि पूर्व की घटना में वाहन पर नंबर अंकित था। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच प्रारंभ कर दी। प्रारंभिक तौर पर गोताखोरों की मदद से तलाश की गई, जिसके बाद सुबह से एसडीआरएफ की टीम द्वारा सघन खोज अभियान चलाया जा रहा है।
लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने हसदेव नदी की सुरक्षा व्यवस्था और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े पहलुओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस दिशा में क्या ठोस कदम उठाता है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।




