




Champa में भक्त प्रहलाद के जयकारों के साथ रात्रि 1:26 बजे हुआ होलिका दहन
चांपा। इस वर्ष 2 मार्च 2026 को शुभ मुहूर्त रात्रि 1:26 बजे भक्त प्रहलाद के जयकारों के साथ नगर में विधि-विधान से होलिका दहन किया गया। नगर के बीचों-बीच मोदी चौक के समीप स्थित श्री कृष्ण गौशाला में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी अग्रवाल सेवा संघ द्वारा भव्य आयोजन किया गया।
विद्वान पंडितों द्वारा बताए गए शुभ मुहूर्त के अनुसार मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के पश्चात होलिका दहन संपन्न हुआ। मारवाड़ी समाज सहित नगर के बड़ी संख्या में नागरिक इस आयोजन में उपस्थित रहे। पूजा के बाद समाज के वरिष्ठजनों और नागरिकों ने पारंपरिक रूप से होलिका की परिक्रमा की और मंगल कामनाएं कीं।
हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार लोगों ने होलिका की अग्नि में पापड़ सेके तथा अपने साथ लाए चना, बूट और गेहूं की बालियों को अग्नि की आंच दिखाकर घर ले गए। नारियल अर्पित कर भोग लगाया गया और उपस्थित जनों ने एक-दूसरे को होली पर्व की बधाई दी। कई लोगों ने रंग-गुलाल लगाकर उत्साहपूर्वक पर्व की शुभकामनाएं दीं तथा वरिष्ठजनों का आशीर्वाद लिया।
महिलाओं की विशेष सहभागिता
समाज की महिलाओं ने भी देर रात बड़ी संख्या में उपस्थित होकर पूजा-अर्चना की। होलिका दहन के पश्चात परिक्रमा कर एक-दूसरे को बधाई दी तथा परंपरा अनुसार मंदिर प्रस्थान किया। दिन में महिलाओं द्वारा घर से बनाए गए गोबर के कंडे अर्पित किए गए और विधि-विधान से पूजा संपन्न की गई।
होलिका दहन के बाद शेष राख को शुभ मानते हुए लोग थोड़ी-थोड़ी मात्रा में अपने घर ले गए। कोई बाल्टी, डिब्बा या अन्य साधन लेकर पहुंचे थे। मान्यता है कि होलिका की राख घर में रखने से सुख-समृद्धि आती है। कुछ लोग उसी रात राख ले गए तो कुछ ने अगले दिन सुबह पहुंचकर संग्रह किया।
नगर के विभिन्न स्थानों पर हुआ होलिका दहन
नगर में प्रमुख रूप से गौशाला परिसर में सबसे बड़ा आयोजन अग्रवाल समाज द्वारा किया जाता रहा है। इसके अलावा हटरी बाजार, थाना परिसर, बरपाली, भोजपुर, भैंसा बाजार, रेलवे स्टेशन के पास, हटवारा सहित कई स्थानों पर भी होलिका दहन किया गया।




पुलिस की चाक-चौबंद व्यवस्था
होलिका दहन के सभी स्थलों पर पुलिस द्वारा सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। नगर में शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा तथा असामाजिक तत्वों पर नजर रखी गई। प्रशासन ने नागरिकों से आपसी भाईचारे और शांतिपूर्ण तरीके से त्योहार मनाने की अपील की।
इस वर्ष होलिका दहन के दूसरे दिन चंद्र ग्रहण होने के कारण होली तीसरे दिन खेली जाएगी। ग्रहण के सूतक के चलते मंदिरों के पट शाम लगभग 7 बजे के बाद खुलेंगे।
होली प्रेम, उल्लास और भाईचारे का पर्व है, जहां लोग आपसी मतभेद भुलाकर रंग-गुलाल के साथ गले मिलते हैं और खुशियां बांटते हैं।






