आरक्षक की तत्परता और मानवीय सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण

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आरक्षक की तत्परता और मानवीय सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण!

      आज दिनांक को बिलासपुर से जांजगीर लौटते समय तोरवा क्षेत्र अंतर्गत नेशनल हाईवे पर एक अप्रत्याशित सड़क दुर्घटना हुई, जिसमें एक मोटरसाइकिल सवार व्यक्ति तेज गति से स्पीड ब्रेकर पार करते समय असंतुलित होकर सड़क पर गिर पड़ा। हादसा हमारी गाड़ी के ठीक पीछे हुआ, जिससे हम तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे।
     उक्त दुर्घटना में घायल व्यक्ति के चेहरे व कंधे में चोटें आईं तथा वह कुछ दूरी पर जाकर गिरा। घटना की गंभीरता को भांपते हुए आरक्षक दिनेश महंत (चालक, एसडीओपी चांपा) द्वारा तत्परता दिखाते हुए तुरंत घायल को सड़क से उठाकर सुरक्षित स्थान पर लाया गया। हमारी गाड़ी में रखे फर्स्ट एड बॉक्स से प्राथमिक उपचार किया गया तथा डायल-112 पर तत्काल सूचना देकर आगे की चिकित्सा सहायता सुनिश्चित की गई।
यह ध्यान देने योग्य है कि यदि कुछ ही क्षणों की देर होती और कोई तेज रफ्तार भारी वाहन पीछे से आता, तो यह दुर्घटना और भी भयावह रूप ले सकती थी।
      घायल व्यक्ति को होश में आने पर उसका नाम व गांव पूछकर उसके परिजनों को सूचना दी गई, जिससे उसे शीघ्र ही घर पहुंचाया जा सका।
     इस संपूर्ण घटना में आरक्षक दिनेश महंत द्वारा दिखाई गई मानवीय संवेदनशीलता, कर्तव्यनिष्ठा, और त्वरित निर्णय क्षमता अत्यंत सराहनीय है। उनकी सेवा भावना, सामाजिक उत्तरदायित्व और “पुलिस मित्र” की परिभाषा को चरितार्थ करने वाली यह कार्रवाई अनुकरणीय है।
      ऐसे अधिकारी समाज में पुलिस की सकारात्मक छवि को सशक्त बनाते हैं और आमजन को यह विश्वास दिलाते हैं कि संकट की घड़ी में पुलिस न केवल रक्षक है, बल्कि एक सच्चा सहायक और मित्र भी है।

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