बिलासपुर हादसे पर पूरा प्रदेश शोक में, पर आपदा मंत्री मंच पर गाते रहे गीत — लाशें उठ रहीं थीं, तब मंच से गूंज रहे थे सुर!

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मंच पर गीत गाकर झूमते मंत्री जी
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CG news: – बिलासपुर हादसे पर पूरा प्रदेश शोक में, पर आपदा मंत्री मंच पर गाते रहे गीत — लाशें उठ रहीं थीं, तब मंच से गूंज रहे थे सुर!

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बिलासपुर में हुआ भीषण ट्रेन हादसा

एक ओर बिलासपुर के लालखदान स्टेशन के पास मंगलवार शाम हुए भयावह रेल हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया, वहीं दूसरी ओर जांजगीर में रजत जयंती राज्योत्सव के समापन समारोह में शामिल हुए राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री के कारनामे ने लोगों को हैरान कर दिया। हादसे में जहां चार लोगों की मौत हो गई और कई यात्री घायल हैं, वहीं मंत्री मंच पर गीत-संगीत का आनंद लेते और खुद गाना गाते और थिरकते नजर आए मंत्री जी

बिलासपुर में हुए ट्रेन हादसे में शोक छोड़, मंच पर गीत गाकर थिरकते मंत्रीजी

जांजगीर-चांपा।जांजगीर में आयोजित तीन दिवसीय राज्योत्सव रजत जयंती महोत्सव के समापन कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। जब प्रदेशभर में रेल दुर्घटना को लेकर अफरा-तफरी और चिंता का माहौल था, उसी समय मंत्री मंच से सुरों का आनंद लेते दिखाई दिए। उनके इस बर्ताव ने लोगों के बीच संवेदनहीनता की मिसाल के रूप में चर्चा छेड़ दी है।

समारोह में मंत्री ने न केवल गाना गाया बल्कि मंच से उत्सव का माहौल बनाए रखा, जबकि उसी समय बिलासपुर से लगातार रेस्क्यू और मौत की खबरें आ रही थीं। लोगों का कहना है कि आपदा प्रबंधन विभाग के मंत्री से उम्मीद थी कि वे हादसे पर दुख जताते या पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त करते, लेकिन इसके उलट वे कार्यक्रम में जश्न के मूड में नजर आए।

मंत्री के इस रवैये को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कई लोगों ने इसे “संवेदनहीन उत्सव” करार देते हुए सवाल उठाया है कि जब रेल हादसे में लोगों की जानें गईं, तब राज्य का आपदा प्रबंधन मंत्री मंच पर गा रहा था।

इन सबके बीच, जांजगीर-चांपा में आयोजित रजत जयंती राज्योत्सव के समापन अवसर पर राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री, जो इस पूरे विभाग के प्रभारी हैं, मंच पर गाना गाते नजर आए। हादसे के दिन ही जब पूरा प्रदेश शोक में था, उस वक्त मंत्री का जी के गाने “संवेदनहीनता” का प्रतीक बन गया। कार्यक्रम स्थल पर मंत्री ने किसी प्रकार की संवेदना प्रकट नहीं की और उत्सव के माहौल में शामिल होकर गीत प्रस्तुत करते रहे।

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