



भगवान परशुराम जयंती व उपनयन संस्कार की तैयारी जोरों पर
चांपा। ब्राह्मण समाज चांपा द्वारा प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी भगवान परशुराम जयंती एवं उपनयन संस्कार का आयोजन बड़े ही धूमधाम और श्रद्धा के साथ 19 एवं 20 अप्रैल को भगवान परशुराम भवन, चांपा में किया जाएगा। यह आयोजन पिछले 29 वर्षों से निरंतर सफलतापूर्वक आयोजित होता आ रहा है।
इसी क्रम में 29 मार्च को ब्राह्मण समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें कार्यक्रम की रूपरेखा तय करते हुए विभिन्न जिम्मेदारियों का वितरण किया गया। आयोजन की तैयारियां अब जोर-शोर से प्रारंभ हो चुकी हैं तथा प्रारंभिक रूप से 9 बटुकों का पंजीयन भी हो चुका है।
बैठक में कार्यों के सफल संचालन हेतु विभिन्न प्रभारी नियुक्त किए गए हैं—
भोजन व्यवस्था की जिम्मेदारी पुरुषोत्तम शर्मा, राजेंद्र तिवारी एवं महेंद्र तिवारी को सौंपी गई है। आवास व्यवस्था के लिए संजय दुबे, संजय तिवारी एवं योगेश पाठक को जिम्मेदारी दी गई है। टेंट एवं माइक व्यवस्था का दायित्व योगेश पाठक एवं शैलेंद्र तिवारी संभालेंगे।
उपनयन पूजन हेतु पदमेश शर्मा, पवन पाठक, दिनेश दुबे एवं राजेश पाठक को प्रभारी बनाया गया है। पेयजल व्यवस्था के लिए योगेंद्र तिवारी, अवनिंद दुबे एवं बसंत दुबे नियुक्त किए गए हैं। पंजीयन (रिसेप्शन) की जिम्मेदारी भृगुनंदन शर्मा, प्रशांत तिवारी, बसंत चतुर्वेदी एवं संजय पाठक को सौंपी गई है।
शोभायात्रा, कीर्तन मंडली एवं झांकी के संचालन हेतु राजेंद्र तिवारी, चन्द्रशेखर पांडेय एवं शशांक तिवारी को दायित्व दिया गया है। चौक में महाआरती की व्यवस्था अरुण उपाध्याय, मयंक उपाध्याय एवं सिद्धार्थ पाठक द्वारा की जाएगी। स्टोर प्रभारी के रूप में लीलेश्वर तिवारी एवं मोहन द्विवेदी नियुक्त किए गए हैं।
अतिथि स्वागत का दायित्व बजरंग शर्मा एवं आशीष तिवारी को दिया गया है, जबकि सम्मान समारोह की जिम्मेदारी बसंत चतुर्वेदी एवं राजेंद्र तिवारी निभाएंगे। मण्डप सजावट एवं अष्ट विप्र भोजन की व्यवस्था ब्राह्मण महिला समिति चांपा द्वारा की जाएगी।
आयोजन को सफल बनाने के लिए आगामी बैठक 5 अप्रैल रविवार को शाम 7 बजे परशुराम भवन में आयोजित की जाएगी, जिसमें महिला, पुरुष एवं बच्चों सहित सभी सदस्यों से उपस्थित रहने का आग्रह किया गया है।
समाज के सभी विप्र बंधुओं एवं मातृशक्ति से अपील की गई है कि वे इसे अपना सामाजिक दायित्व समझते हुए बैठक में उपस्थित हों और सौंपे गए कार्यों का पूर्ण निष्ठा से निर्वहन कर कार्यक्रम को सफल बनाएं।




