अकलतरा नगर पालिका में बढ़ा सियासी घमासान, 14 पार्षद पहुंचे कलेक्टर दरबार

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अकलतरा नगर पालिका में बढ़ा सियासी घमासान, 14 पार्षद पहुंचे कलेक्टर दरबार

सामान्य सभा की बैठक नहीं होने से नाराज जनप्रतिनिधियों ने सौंपा शिकायत पत्र, पानी-बिजली समेत मूलभूत सुविधाओं को लेकर जताई नाराजगी

जांजगीर-चांपा। जिले की अकलतरा नगर पालिका परिषद एक बार फिर विवादों और राजनीतिक खींचतान के चलते सुर्खियों में आ गई है। नगर पालिका में लंबे समय से सामान्य सभा की बैठक नहीं होने, विकास कार्यों में देरी और नगर की मूलभूत समस्याओं को लेकर जनप्रतिनिधियों का आक्रोश अब खुलकर सामने आने लगा है। इसी कड़ी में अकलतरा नगर पालिका के करीब 14 पार्षदों और जनप्रतिनिधियों का एक प्रतिनिधिमंडल जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचा और नगर पालिका अध्यक्ष के कार्यप्रणाली के खिलाफ शिकायत दर्ज कराते हुए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।

जनप्रतिनिधियों ने कलेक्टर को सौंपे गए शिकायत पत्र में आरोप लगाया कि नगर पालिका अध्यक्ष द्वारा विगत लंबे समय से सामान्य सभा की बैठक नहीं बुलाई जा रही है। इसके कारण नगर के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं और जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा तक नहीं हो पा रही है। पार्षदों का कहना है कि कई बार लिखित और मौखिक रूप से आग्रह करने के बावजूद अध्यक्ष द्वारा बैठक बुलाने में लगातार टालमटोल किया जा रहा है।

पालिका उपाध्यक्ष दिवाकर राणा ने कहा कि नगर में मूलभूत सुविधाओं की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। गर्मी के मौसम में पेयजल संकट गंभीर रूप ले चुका है, कई वार्डों में लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। वहीं नगर की कई गलियों और वार्डों में स्ट्रीट लाइट बंद होने से अंधेरे की स्थिति बनी हुई है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जनता लगातार जनप्रतिनिधियों से शिकायत कर रही है, लेकिन बैठक नहीं होने के कारण समस्याओं का निराकरण नहीं हो पा रहा है।

उन्होंने आगे कहा कि नगर पालिका जैसे जिम्मेदार संस्थान में जनता की समस्याओं को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए, लेकिन वर्तमान स्थिति को देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि नगरवासियों की परेशानियों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। यही कारण है कि मजबूर होकर सभी पार्षदों को कलेक्टर के समक्ष अपनी शिकायत रखना पड़ा।

जनप्रतिनिधियों ने यह भी आरोप लगाया कि नगर में कई विकास कार्य अधर में लटके हुए हैं। सफाई व्यवस्था, नाली निर्माण, सड़क मरम्मत और जल आपूर्ति जैसी बुनियादी व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं। नगरवासियों में भी इस स्थिति को लेकर असंतोष बढ़ता जा रहा है।

वहीं मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) संजय सिंह ने भी स्वीकार किया कि सामान्य सभा की बैठक बुलाने के लिए उनके द्वारा कई बार लिखित एवं मौखिक रूप से अध्यक्ष को अवगत कराया जा चुका है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक स्तर पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं ताकि बैठक आयोजित हो सके और लंबित मुद्दों पर निर्णय लिया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि नगर की समस्याओं के निराकरण के लिए पालिका प्रशासन लगातार काम कर रहा है और आम जनता को राहत पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

कलेक्टर कार्यालय पहुंचे जनप्रतिनिधियों की शिकायत सुनने के बाद जिला कलेक्टर ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द आवश्यक कार्रवाई और समस्याओं के निराकरण का आश्वासन दिया। इसके बाद सभी पार्षद और जनप्रतिनिधि वापस लौट गए।

अब देखना होगा कि पार्षदों की शिकायत के बाद प्रशासन क्या कदम उठाता है और अकलतरा नगर पालिका में चल रहा यह विवाद आगे किस दिशा में जाता है। फिलहाल नगर की राजनीति में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।

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