
मृतक हरिचरण की घटना पर खबर प्रकाशित होने के बाद नेताजी फर्नीचर संचालक का बयान सामने आया
चांपा। मृतक हरिचरण प्रधान से जुड़ी घटना पर खबर प्रकाशित होने के बाद नेताजी फर्नीचर के संचालक पवन सिंघानिया का बयान सामने आया है। पवन सिंघानिया ने मीडिया से बातचीत करते हुए पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि मृतक हरिचरण प्रधान उनकी प्रतिष्ठान का पुराना कर्मचारी था। 13 नवंबर को काम के दौरान वह दुकान में लगी सीढ़ी से सामान लेने ऊपर चढ़ रहा था, तभी उसका पैर फिसल गया और वह नीचे गिर पड़ा। इस हादसे में उसके पैर में मामूली चोट आई। इसके बाद तत्काल संचालक उसे अपने परिवार का सदस्य मानते हुए इलाज के लिए अस्पताल जाने की सलाह दी। और कुछ दिनों के बाद चोट में तकलीफ होने की बात सुनने पर अस्पताल me भर्ती भी कराया गया, जहां घायल और उनके परिवार की सहमति से उसके इलाज का पूरा खर्च प्रतिष्ठान द्वारा वहन किया गया।
पवन सिंघानिया के अनुसार, 31 दिसंबर 2025 को चांपा स्थित निजी अस्पताल नायक नर्सिंग होम में घायल हरिचरण के टूटे हुए पैर का ऑपरेशन किया गया था। ऑपरेशन के बाद उसकी स्थिति सामान्य बताई जा रही थी। हालांकि, डॉक्टरों के अनुसार 2 जनवरी 2026 को अचानक हार्ट अटैक आने से उसकी मौत हो गई।
उन्होंने कहा कि इस दुखद घटना से उन्हें गहरा आघात पहुंचा है और उनकी पूरी सहानुभूति मृतक के परिवार के साथ है। मृतक के परिवार से बातचीत कर उनके क्रियाकर्म की संपूर्ण व्यवस्था भी उनके द्वारा की गई थी। इस दौरान वे स्वयं और उनकी दुकान के समस्त कर्मचारी मृतक के घर पर उपस्थित रहे।
संचालक ने यह भी आरोप लगाया कि इसी बीच कुछ बाहरी लोगों द्वारा वहां पहुंचकर भड़काऊ बातें की गईं और आंदोलन की बात कही गई। इस स्थिति को देखते हुए वे जांजगीर स्थित सिटी कोतवाली पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी पुलिस को दी, जहां वे रात तक उपस्थित रहे।
पवन सिंघानिया ने यह भी कहा कि उन्हें घटना की पूरी जानकारी फोन के माध्यम से मिली और कुछ अखबारों में खबरें प्रकाशित की गईं जोकि गलत प्रतीत हुआ और इससे मुझे एवं मेरे प्रतिष्ठान को नुकसान होना पाया जा रहा है ।जिसके बाद उन्होंने मीडिया के साथियों से सही तथ्य सामने लाने और उनके इस बयान को प्रकाशित करने का आग्रह किया है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि मीडिया सही घटनाक्रम को प्रमुखता से प्रकाशित करेगा, ताकि जनता के बीच सच्चाई सामने आ सके।



