




धर्मांतरण के खिलाफ मैदान में उतरा बजरंग दल, प्रार्थना सभा स्थल रहा बंद
जांजगीर-चांपा। नगर के नवापारा चांपा में कुछ दिनों पहले बजरंग दल द्वारा कथित धर्मांतरण सभा के विरोध के बाद हिंदू संगठनों में आक्रोश देखने को मिल रहा था। विरोध और तीखी प्रतिक्रियाओं के बीच रविवार को होने वाली धर्मांतरण सभा आज पूरी तरह बंद नजर आई।
बजरंग दल के प्रमुख संजीव विश्वकर्मा एवं कार्यकर्ताओं ने इसे “धर्म की जीत” बताया। रविवार को बजरंग दल के कार्यकर्ता जय श्रीराम के नारे लगाते हुए मसीह समाज द्वारा संचालित बताए जा रहे कथित धर्मांतरण स्थल पर पहुंचे, जहां प्रार्थना सभा स्थल पूरी तरह सुनसान मिला। मौके पर न तो कोई सभा चल रही थी और न ही धमकी देने का आरोप झेल रहे टोप्पो वहां उपस्थित थे। कार्यकर्ताओं का दावा है कि संबंधित व्यक्ति नगर में भी मौजूद नहीं था।
इसके बाद बजरंग दल के लोगों ने स्थल पर मौजूद स्थानीय लोगों को समझाइश दी कि यदि कोई भी हिंदू धर्मांतरण करता है तो उसका नाम और पता सार्वजनिक किया जाएगा। साथ ही शासन से अपील की जाएगी कि धर्मांतरण के बाद स्वयं को हिंदू बताकर कोई भी व्यक्ति शासकीय योजनाओं का दोहरा लाभ न ले सके।
वहीं, जिला पुलिस अधीक्षक विजय पांडेय के मार्गदर्शन में चांपा पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हुए थे, ताकि नगर में कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो।
इस संबंध में नगर के तहसीलदार प्रशांत पटेल ने कहा कि क्षेत्र में इस तरह की कोई भी गतिविधि स्वीकार नहीं की जाएगी। यदि कोई भी अनैतिक गतिविधि पाई जाती है तो शासन-प्रशासन द्वारा कठोर कार्रवाई की जाएगी।
बहरहाल, रविवार को निर्धारित प्रार्थना सभा स्थल पूरी तरह बंद पाया गया। घर में रहने वाले सामाजिक व्यक्तियों के अलावा कोई अन्य नागरिक उपस्थित नहीं मिला। इसे बजरंग दल अपनी लड़ाई में सफलता के रूप में देख रहा है।




