पूर्व DDP के बहनोई और जिला पंचायत सदस्य के भाई पर युवक को बंधक बनाकर मारपीट का आरोप, FIR दर्ज

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सिटी कोतवाली में अपनी शिकायत दर्ज करवाता पीड़ित
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मामले की जानकारी Dsp योगिता बाली खापर्डे ने दी

पूर्व DDP के बहनोई और जिला पंचायत सदस्य के भाई पर युवक को बंधक बनाकर मारपीट का आरोप, FIR दर्ज

जांजगीर-चांपा। जिले का जिला पंचायत संसाधन केंद्र एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गया है। पूर्व DDP अभिमन्यु साहू के बहनोई एवं मैसी फर्ग्यूसन ट्रैक्टर एजेंसी संचालक गजेंद्र सिंह राठौर पर युवक को बंधक बनाकर बेरहमी से मारपीट करने का गंभीर आरोप लगा है। मामले में पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना सामने आने के बाद सरकारी भवन में अनाधिकृत रूप से लोगों के रहने और वहां संचालित गतिविधियों को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।

जानकारी के अनुसार पीड़ित राजा लाला उपाध्याय, गजेंद्र सिंह राठौर की ट्रैक्टर एजेंसी में काम करता था। आरोप है कि गजेंद्र सिंह राठौर और उसके साथी विकास सिंह ने युवक को जिला पंचायत संसाधन केंद्र के एक कमरे में पूरी रात बंधक बनाकर रखा और उसके साथ मारपीट की। रातभर परिजन युवक की तलाश करते रहे। सुबह मोबाइल लोकेशन के आधार पर जब परिजन जिला पंचायत संसाधन केंद्र पहुंचे तो कमरे का ताला बंद मिला। अंदर राजा लाला उपाध्याय घायल अवस्था में पड़ा था और उसके शरीर पर चोट के निशान थे। इसके बाद परिजन उसे लेकर थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई।

पीड़ित परिवार का आरोप है कि मामले को दबाने के लिए उन पर समझौते का दबाव बनाया गया। परिजनों के मुताबिक जिला पंचायत सदस्य आशा साव ने फोन कर कहा कि आरोपी उनके भाई हैं और पूर्व DDP अभिमन्यु साहू के बहनोई हैं, इसलिए मामले को रफा-दफा कर दिया जाए। हालांकि परिवार ने समझौते से इनकार करते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने अपराध दर्ज कर लिया।

मामले में एक और बड़ा खुलासा यह हुआ है कि गजेंद्र सिंह राठौर पिछले एक साल से अधिक समय से जिला पंचायत संसाधन केंद्र के सरकारी भवन में कथित रूप से अनाधिकृत रूप से रह रहा था। आरोप यह भी है कि वहां शराबखोरी और अन्य संदिग्ध गतिविधियां संचालित होती थीं। इससे पहले भी इसी भवन से जुड़ा एक विवाद सामने आ चुका है, जिसमें नौकरी का झांसा देकर युवती के शोषण का मामला उजागर हुआ था।

अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर सरकारी भवन में एक बाहरी व्यक्ति को लंबे समय तक रहने की अनुमति किसके संरक्षण में मिली? इस पूरे घटनाक्रम ने जिला पंचायत प्रशासन और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले में संरक्षण देने वाले अधिकारियों और आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।

वहीं पीड़ित युवक की बहन ने आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि उनके भाई के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया है और परिवार को लगातार दबाव में लेने की कोशिश की जा रही है।

इधर DSP योगिता खापर्डे ने बताया कि मामले में शिकायत के आधार पर FIR दर्ज कर ली गई है और पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है। जांच के बाद दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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