कबाड़ हो रही सिटी बस, कोरोना काल में हुई थी बंद, आज तक नहीं हो सकी बहाली

कबाड़ हो रही सिटी बस, कोरोना काल में हुई थी बंद, आज तक नहीं हो सकी बहाली

शहरवासियों को सस्ती और सुगम यातायात सुविधा देने के उद्देश्य से शुरू की गई सिटी बस सेवा आज खुद बदहाली का शिकार हो चुकी है। कोरोना महामारी के दौरान बंद हुई बस सेवा वर्षों बाद भी दोबारा पटरी पर नहीं लौट सकी है। हालात यह हैं कि लाखों-करोड़ों रुपये खर्च कर खरीदी गई बसें अब डिपो और खुले मैदानों में खड़ी-खड़ी कबाड़ में तब्दील होती जा रही हैं। प्रशासनिक उदासीनता और जिम्मेदार विभागों की लापरवाही के चलते आम जनता की सुविधा के लिए शुरू की गई यह योजना अब धीरे-धीरे खत्म होती नजर आ रही है।

कोरोना संक्रमण के समय लॉकडाउन और सामाजिक दूरी के नियमों को देखते हुए सिटी बसों का संचालन बंद कर दिया गया था। उस समय इसे अस्थायी निर्णय बताया गया था और हालात सामान्य होने के बाद सेवा दोबारा शुरू करने की बात कही गई थी। लेकिन महामारी खत्म होने और जनजीवन सामान्य होने के बाद भी बस सेवा आज तक बहाल नहीं हो पाई। वर्षों बीत जाने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी केवल प्रस्ताव और योजनाओं की बातें करते नजर आ रहे हैं, जबकि धरातल पर कोई ठोस पहल दिखाई नहीं दे रही।

सिटी बस सेवा बंद होने से सबसे ज्यादा परेशानी गरीब और मध्यमवर्गीय लोगों को उठानी पड़ रही है। पहले लोग कम किराए में शहर के विभिन्न हिस्सों तक आसानी से पहुंच जाते थे। विद्यार्थी स्कूल और कॉलेज, मजदूर अपने कार्यस्थल और नौकरीपेशा लोग कार्यालय तक सिटी बसों के जरिए कम खर्च में सफर कर लेते थे। लेकिन अब लोगों को ऑटो, निजी वाहनों और महंगे किराए वाले साधनों पर निर्भर होना पड़ रहा है। इससे आम लोगों की जेब पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ गया है।

दूसरी ओर वर्षों से खड़ी बसों की हालत लगातार खराब होती जा रही है। कई बसों में जंग लग चुका है, टायर खराब हो गए हैं और मशीनरी भी जवाब देने लगी है। कुछ बसों के पार्ट्स तक खराब होने लगे हैं। खुले मैदानों में खड़ी बसें बारिश, धूप और धूल के कारण तेजी से खराब हो रही हैं। करोड़ों रुपये की सरकारी संपत्ति धीरे-धीरे बर्बाद हो रही है, लेकिन उसकी सुध लेने वाला कोई नजर नहीं आ रहा।

स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि यदि जल्द ही सिटी बस सेवा को दोबारा शुरू नहीं किया गया तो आने वाले समय में इन बसों को सड़क पर उतारने के लिए फिर से लाखों रुपये खर्च करने पड़ेंगे। लोगों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि आम जनता की सुविधा और सरकारी संपत्ति को बचाने के लिए जल्द से जल्द सिटी बस सेवा की बहाली की जाए।

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