
राज्य प्रशासनिक सेवा में पदोन्नति को फिर 50% किया गया, कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने जताया आभार
रायपुर। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी अधिसूचना क्रमांक 91 [ESTB-101(1)/7/2024-GAD-4] के तहत राज्य प्रशासनिक सेवा में पदोन्नति का प्रतिशत पूर्व की भांति 40 प्रतिशत से बढ़ाकर पुनः 50 प्रतिशत कर दिया गया है। यह निर्णय लंबे समय से की जा रही मांग के बाद लिया गया है, जिसका स्वागत छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने किया है।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2020 के पूर्व पदोन्नति एवं सीधी भर्ती का अनुपात 50-50 प्रतिशत था, जिसे बाद में घटाकर 40-60 कर दिया गया था। संघ द्वारा लगातार यह मांग की जा रही थी कि पदोन्नति और सीधी भर्ती के अनुपात को पुनः 50-50 किया जाए, ताकि सेवाकालीन अनुभव और प्रशासनिक दक्षता का समुचित सम्मान सुनिश्चित हो सके।
संघ के प्रांताध्यक्ष के.के. लहरे ने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने इस मांग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए पदोन्नति का प्रतिशत पुनः 50 प्रतिशत बहाल किया है, जो स्वागतयोग्य एवं दूरदर्शी निर्णय है।
उन्होंने कहा कि तहसीलदार से डिप्टी कलेक्टर पद पर पदोन्नत अधिकारियों के पास औसतन 10 से 12 वर्षों का जमीनी प्रशासनिक अनुभव होता है। राजस्व, कानून-व्यवस्था, आपदा प्रबंधन और लोकसेवा से जुड़े व्यावहारिक अनुभव के कारण ऐसे अधिकारी शासन की नीतियों को अधिक संवेदनशीलता एवं दक्षता के साथ लागू कर सकेंगे।
संघ के अनुसार इस निर्णय से प्रशासन में अनुभव और ऊर्जा का संतुलित समन्वय स्थापित होगा। नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन, राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण, आमजन की शिकायतों के शीघ्र समाधान तथा आपदा की स्थिति में बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने में यह निर्णय सहायक सिद्ध होगा। साथ ही, अनुभवी अधिकारियों की पदोन्नति से फील्ड प्रशासन की निरंतरता बनी रहेगी और जनता को अधिक जवाबदेह एवं पारदर्शी प्रशासन प्राप्त होगा।
छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए मुख्यमंत्री, वित्त मंत्री, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सहित मंत्रिपरिषद के प्रति आभार व्यक्त किया है। संघ का कहना है कि इस फैसले से प्रदेश के तहसीलदारों एवं नायब तहसीलदारों में हर्ष एवं उत्साह का वातावरण है और यह निर्णय सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।




