
उद्योग नीति की धज्जियां उड़ाता प्लांट? चांपा में प्रदूषण पर उठे सवाल
चांपा। Prakash Industries Limited के चांपा स्थित प्लांट प्रबंधन पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि खबरें प्रकाशित होने के बावजूद प्लांट से निकलने वाला जहरीला धुआं बंद नहीं हुआ है और खुलेआम वायु प्रदूषण फैलाया जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्लांट की चिमनियों से निकलने वाला घना धुआं दूर-दूर तक साफ नजर आता है। इससे आसपास के रहवासियों को सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन और अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद प्लांट प्रबंधन की ओर से ठोस सुधारात्मक कदम नजर नहीं आ रहे।
आरोप यह भी है कि छत्तीसगढ़ की उद्योग नीति में पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण और स्थानीय नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा को स्पष्ट प्राथमिकता दी गई है। उद्योगों को पर्यावरण मानकों का पालन करना, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के दिशा-निर्देशों का अनुपालन करना और सामाजिक जिम्मेदारी निभाना अनिवार्य है। इसके बाद भी यदि खुलेआम धुआं छोड़ा जा रहा है, तो यह न केवल नियमों की अनदेखी है बल्कि उद्योग नीति की भावना के विपरीत भी है।
खबरें सामने आने के बाद भी यदि स्थिति जस की तस बनी हुई है, तो यह सवाल उठना लाजिमी है कि क्या जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई करने में उदासीन हैं या फिर प्लांट प्रबंधन के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्हें किसी का डर नहीं?
स्थानीय नागरिकों के बीच रोष बढ़ता जा रहा है। लोगों का कहना है कि विकास के नाम पर यदि उनके स्वास्थ्य और पर्यावरण से खिलवाड़ किया जाएगा, तो इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े जिम्मेदार विभाग इस मामले में सख्त कदम उठाते हैं या फिर कार्रवाई केवल कागजों तक ही सीमित रह जाएगी। चांपा की जनता जवाब चाहती है—आखिर कब तक जहरीली हवा में सांस लेने को मजबूर रहना पड़ेगा?




