





चांपा में GI पंजीकरण को लेकर तकनीकी शिविर का आयोजन
चांपा। वस्त्र मंत्रालय भारत सरकार के अंतर्गत राष्ट्रीय हथकरघा विकास निगम (NDC/ DCHL) द्वारा भौगोलिक संकेत (GI) पंजीकरण को लेकर एक दिवसीय तकनीकी शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर चांपा सिल्क साड़ी एवं वस्त्र को GI टैग दिलाने की प्रक्रिया और उसके लाभों पर केंद्रित रहा।
कार्यक्रम का आयोजन 09 जनवरी 2026 (शुक्रवार) को होटल सुमीत इन (Hotel Sumeet Inn), चांपा (छ.ग.) में किया गया। शिविर का समय सुबह 11:30 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक निर्धारित था।
शिविर में हथकरघा बुनकरों, कारीगरों, वस्त्र उद्यमियों एवं संबंधित विभाग के अधिकारियों ने सहभागिता की। विशेषज्ञों द्वारा GI पंजीकरण की प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज, कानूनी संरक्षण, विपणन में होने वाले लाभ तथा स्थानीय उत्पादों की पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करने जैसे विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई।
कार्यक्रम का उद्देश्य चांपा की पारंपरिक सिल्क साड़ी और वस्त्रों को विशिष्ट पहचान दिलाना तथा बुनकरों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना रहा। आयोजन के दौरान “मेरा हथकरघा, मेरा गौरव” और “My Handloom, My Pride” का संदेश भी दिया गया।
विशेष उल्लेखनीय है कि वर्ष 2010 में चांपा सिल्क साड़ी एंड फैब्रिक्स को gi टैग प्राप्त हुआ । जिसने चांपा –रायगढ़ क्षेत्र को नई पहचान दी। इस उपलब्धि में बुनकर कल्याण समिति रायपुर के अध्यक्ष कमल देवांगन का नेतृत्व महत्वपूर्ण रहा।
वही ” कोसा “नमक पुस्तिका का विमोचन की इसी मंच के माध्यम से किया गया।
कार्यक्रम के उपस्थित जनों द्वारा पूछी गई समस्या का निदान कैसे संभव है उपस्थित अधिकृत जानकारी और विशेषज्ञों ने विस्तृत जानकारी प्रदान करी।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि दिल्ली से आए कमोडोर राजीव अशोक (सेवानिवृत्त) प्रबंध निदेशक,श्री अशोक कुमार– वैज्ञानिक , विजय सावनेरकर कार्यालय प्रमुख, मधुप कुमार चंदन –सहायक निदेशक,रायपुर ब्रांच इंचार्ज अनुराग शंखवार, कमल देवांगन अध्यक्ष , मनमोहन देवांगन, सहित सैकड़ों की संख्या में बुनकर भाई और बहन उपस्थित रहकर कार्यक्रम को सफल बनाए में अपना सहयोग प्रदान किया।




