सक्ती जिले से बड़ी खबर जहां दो लोगों के द्वारा चरणदास के साथ मारपीट का मामला सामने आया है, घटना की सम्बन्धित थाने में हुई शिकायत

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घटना में चोटिल हुए चरणदास बर्मन
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चंद्रपुर के शासकीय महाविद्यालय का मामला
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थाना में हुई शिकायत की प्रति

चंद्रपुर महाविद्यालय में मारपीट का गंभीर मामला, प्रभारी प्राचार्य पर हमला
सक्ती।
सक्ती जिले के चंद्रपुर स्थित महाविद्यालय में शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब कॉलेज के दो प्रोफेसरों द्वारा प्रभारी प्राचार्य चरणदास बर्मन के साथ कथित रूप से मारपीट किए जाने का मामला सामने आया। आरोप है कि प्रोफेसर लक्ष्मी प्रसाद एवं ऋषि कुमार चंद्रा ने प्रभारी प्राचार्य के साथ कार्यालय में ही बेरहमी से पिटाई की।
घटना में प्रभारी प्राचार्य को गंभीर चोटें आई हैं। प्रत्यक्षदर्शियों व सूत्रों के अनुसार, मारपीट के दौरान डॉ. ऋषि कुमार चंद्रा ने प्रभारी प्राचार्य की उंगली को दांत से काट लिया, जिससे उनकी उंगली में गंभीर चोट आई है। घटना के बाद कॉलेज परिसर में हड़कंप मच गया।


सूत्रों की मानें तो चंद्रपुर महाविद्यालय में पिछले एक दशक से प्रोफेसरों के बीच गुटबाजी चली आ रही है। एक गुट कॉलेज के बाहर बैठता है, जबकि दूसरा गुट कॉलेज के अंदर—जिसके चलते आए दिन विवाद की स्थिति बनी रहती है।


घटना के संबंध में बताया गया कि प्रभारी प्राचार्य अपने कक्ष में मौजूद थे, तभी डॉ. चंद्रा उनके कक्ष के बाहर खड़े थे। जब प्रभारी प्राचार्य बाहर आए और वहां खड़े होने का कारण पूछा, तो इसी बात को लेकर वाद-विवाद शुरू हो गया। आरोप है कि इसी दौरान डॉ. चंद्रा ने प्रभारी प्राचार्य पर छात्रों को नकल कराने जैसे गंभीर आरोप लगाए, जिसके बाद विवाद ने हिंसक रूप ले लिया।


मारपीट की सूचना मिलते ही कॉलेज में हल्ला-गुल्ला शुरू हो गया। इसके बाद प्रभारी प्राचार्य चंद्रपुर थाना पहुंचे, जहां कॉलेज स्टाफ और बड़ी संख्या में छात्र भी उनके साथ मौजूद रहे। छात्रों का कहना है कि यह कृत्य निंदनीय है और दोषी प्रोफेसर के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए, अन्यथा वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।


गौरतलब है कि हाल ही में कॉलेज की प्राचार्य भारद्वाज  का सेवानिवृत्त  हुआ है। उनके कार्यकाल के दौरान भी प्रोफेसरों की गुटबाजी के कई मामले सामने आ चुके हैं। एक मामले में तो एक प्रोफेसर द्वारा राष्ट्रपति को इच्छामृत्यु की मांग से जुड़ा पत्र लिखे जाने की चर्चा भी हुई थी, जिस पर चंद्रपुर थाने में बयान दर्ज किया गया था।


वर्तमान में चंद्रपुर महाविद्यालय में स्थायी प्राचार्य का पद रिक्त है। स्थानीय लोगों और छात्रों का कहना है कि जब तक कॉलेज को स्थायी नेतृत्व नहीं मिलेगा, तब तक इस तरह की घटनाएं होती रहेंगी।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।

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