बिहरगनी में पर्यावरण प्रदूषण का आरोप, ग्रामीणों ने की कार्रवाई की मांग

WhatsApp Image 2025 09 22 at 11.59.38 1 Console Corptech
10.jpg Console Corptech

बिहरगनी में पर्यावरण प्रदूषण का आरोप, ग्रामीणों ने की कार्रवाई की मांग

जांजगीर-चांपा। जिले में उद्योगों द्वारा पर्यावरण प्रदूषण के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। हाल ही में प्रकाश इंडस्ट्रीज लिमिटेड, चांपा के खिलाफ प्रदूषण को लेकर खबरें प्रमुखता से उठाई गई थीं, जिस पर अब तक जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है।

इसी बीच एक और मामला जिले के बिहरगनी ग्राम से सामने आया है, जहां ग्रामीणों ने वायु एवं जल प्रदूषण को लेकर जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक एवं पर्यावरण विभाग में शिकायत दर्ज कराई है। ग्रामीणों का आरोप है कि जांजगीर निवासी एक व्यापारी द्वारा पूर्व में संचालित गिट्टी खदान स्थल पर प्लांट से निकलने वाली राखड़ (फ्लाई ऐश) का डंपिंग कार्य नियमों की अनदेखी करते हुए किया जा रहा है।

ग्रामीणों के अनुसार खदान से गिट्टी निकालने के बाद अब उस गड्ढे में राखड़ भरने का कार्य किया जा रहा है, लेकिन पर्यावरणीय मानकों का पालन नहीं किया जा रहा। आरोप है कि ग्राउंड लेवल से 10 से 12 फीट ऊंचाई तक राखड़ का ढेर लगाया गया है, जिससे बरसात के दौरान इसके बहकर नाले और फिर हसदेव नदी में जाने की आशंका है। इससे न केवल नदी प्रदूषित होगी, बल्कि ग्रामीणों के पीने के पानी पर भी खतरा मंडराने लगा है।

पूर्व जनपद सदस्य इतवारी पटेल ने बताया कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो आने वाली बारिश में स्थिति गंभीर हो सकती है। राखड़ के कण उड़ने से आसपास के लोगों को श्वसन संबंधी बीमारियों का खतरा भी बढ़ रहा है। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि डंपिंग स्थल पर पानी का छिड़काव नहीं किया जा रहा, जिससे उड़ती धूल राहगीरों और किसानों के लिए परेशानी का कारण बन रही है।

क्षेत्रीय विधायक व्यास कश्यप द्वारा भी मामले में लिखित शिकायत किए जाने की जानकारी सामने आई है। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि स्थल का निरीक्षण कर नियमों के अनुरूप कार्रवाई की जाए, ऊंचे स्तर पर डंप की गई राखड़ को हटाया जाए तथा उस पर मिट्टी डालकर समतलीकरण किया जाए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की पर्यावरणीय और स्वास्थ्य संबंधी समस्या उत्पन्न न हो।

अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर शिकायत पर कब और किस प्रकार की कार्रवाई करता है।

Related Articles

प्रातिक्रिया दे

Back to top button