आत्मनिर्भर दलहन योजना के तहत किसानों को दिया गया प्रशिक्षण







आत्मनिर्भर दलहन योजना के तहत किसानों को दिया गया प्रशिक्षण
धान के बदले दलहनी एवं अन्य फसलों की खेती के लिए किसानों को किया गया जागरूक
जांजगीर-चांपा। किसानों को दलहनी खेती एवं आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने के उद्देश्य से 13 अगस्त 2026 को कलेक्टर कार्यालय सभागार में आत्मनिर्भर दलहन योजना के अंतर्गत जिला स्तरीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिलेभर से बड़ी संख्या में कृषक शामिल हुए।
प्रशिक्षण के दौरान कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने कृषि विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी देते हुए किसानों को फसल चक्र में परिवर्तन के लिए जागरूक किया। उन्होंने दलहन एवं अन्य वैकल्पिक फसलों को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
उप संचालक कृषि राकेश कुमार शर्मा ने बताया कि जिले में धान के स्थान पर रबी मौसम में मूंग, उड़द, चना, मूंगफली, सरसों, तिवड़ा सहित अन्य फसलों की खेती की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने खरीफ मौसम में टिकरा भूमि पर अधिक से अधिक क्षेत्र में अरहर की फसल लेने की अपील किसानों से की।
उन्होंने बताया कि धान के बदले अन्य फसल लेने वाले किसानों को कृषक उन्नति योजना के तहत 15 हजार रुपये तक की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे बैंक खाते में हस्तांतरित कर लाभान्वित किया जाना है।
उद्यान विभाग की सहायक संचालक श्रीमती रंजना माखीजा ने किसानों को पाम ऑयल की खेती एवं विभिन्न उद्यानिकी फसलों की खेती के संबंध में मार्गदर्शन दिया। वहीं कृषि विज्ञान केंद्र के प्रमुख डॉ. खेमादास महंत ने जैविक एवं प्राकृतिक खेती अपनाने, मृदा स्वास्थ्य कार्ड के अनुसार उर्वरकों के उपयोग तथा फसलों की उन्नत उत्पादन तकनीकों की जानकारी दी।
कृषक परिचर्चा में उप संचालक कृषि श्री राकेश कुमार शर्मा, कृषि विज्ञान केंद्र के प्रमुख डॉ. खेमादास महंत, सहायक संचालक उद्यान श्रीमती रंजना माखीजा, विकासखंडों के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, प्रगतिशील कृषक श्री संदीप तिवारी, श्री दुर्गाचरण पटेल सहित जिले के बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।




