🌺 बाली की भव्यता में सजे गणपति बप्पा, चांपा में दिख रहा आस्था और आकर्षण का अद्भुत संगम
परशुराम चौक में सजा भव्य पंडाल, बाल स्वरूप में विराजे बप्पा ने मोहा भक्तों का मन
चांपा। गणेश उत्सव की धूम के बीच चांपा शहर का हृदय स्थल परशुराम चौक इन दिनों आस्था, भक्ति और भव्यता से जगमगा रहा है। यहां विराजे गणपति बप्पा का मनमोहक बाल स्वरूप श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। वहीं इस बार तैयार किया गया भव्य पंडाल अपनी अनूठी थीम और आकर्षक सजावट के चलते लोगों को खासा आकर्षित कर रहा है।
इस वर्ष पंडाल की सजावट इंडोनेशिया के बाली स्थित प्रसिद्ध ‘गरुड़ विष्णु कंचना’ की भव्यता और आध्यात्मिकता से प्रेरित होकर तैयार की गई है। पंडाल में भगवान विष्णु को उनके दिव्य वाहन गरुड़ जी पर विराजमान स्वरूप में दर्शाया गया है। विशाल और आकर्षक संरचना के साथ धार्मिक भावनाओं को जोड़ती यह थीम श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण बनी हुई है।
✨ बाल स्वरूप में बप्पा, चेहरे पर मासूमियत और मन में भक्ति
पंडाल की भव्यता के बीच विराजे गणपति बप्पा का बाल स्वरूप लोगों को अपनी ओर खींच रहा है। बप्पा की मनमोहक प्रतिमा को देखते ही श्रद्धालु भाव-विभोर हो रहे हैं। शाम होते ही रोशनी से जगमगाता पंडाल और भी आकर्षक नजर आता है। दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालु इस मनमोहक दृश्य को अपने कैमरे में भी कैद कर रहे हैं।
🙏 गणेश उत्सव में ‘मिनी महाराष्ट्र’ बन जाता है चांपा
चांपा नगर में गणेश उत्सव की परंपरा वर्षों पुरानी है। हर साल शहर में गणपति बप्पा के स्वागत से लेकर विसर्जन तक उत्साह और उमंग का माहौल बना रहता है। विभिन्न स्थानों पर भव्य पंडाल, आकर्षक झांकियां और धार्मिक आयोजन लोगों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं।
गणेश उत्सव के दौरान चांपा की गलियों में गूंजते ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारे और जगह-जगह सजी गणेश प्रतिमाएं शहर को पूरी तरह भक्तिमय बना देती हैं। यही वजह है कि गणेश उत्सव के दौरान चांपा को प्यार से ‘मिनी महाराष्ट्र’ भी कहा जाता है।
इस बार बाली की भव्यता से प्रेरित पंडाल और बाल स्वरूप में विराजे बप्पा चांपा के गणेश उत्सव को और भी खास बना रहे हैं।




