कूटराबोड पंचायत में बड़ा घोटाला! बिना कोरम करोड़ों के प्रस्ताव पास, सरपंच-सचिव पर गंभीर आरोप

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कूटराबोड पंचायत में बड़ा घोटाला! बिना कोरम करोड़ों के प्रस्ताव पास, सरपंच-सचिव पर गंभीर आरोप

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जांजगीर-चांपा |

जिले के जनपद पंचायत पामगढ़ अंतर्गत ग्राम पंचायत कूटराबोड में पंचायत निधि के दुरुपयोग एवं गंभीर वित्तीय अनियमितताओं का मामला प्रकाश में आया है। ग्राम पंचायत के सरपंच पुष्कर दिनकर (पिता – टीकाराम दिनकर) एवं पंचायत सचिव पर आरोप है कि उन्होंने पंचायत के निर्वाचित पंचों की सहमति के बिना एवं विधिवत कोरम पूर्ण किए बिना ही विभिन्न विकास कार्यों के नाम पर पंचायत निधि से राशि आहरित कर खर्च कर दी।

⚠️ कोरम के बिना प्रस्ताव पासनियमों की खुली अनदेखी
प्राप्त जानकारी के अनुसार पंचायत की बैठकों में आवश्यक कोरम पूरा किए बिना ही प्रस्ताव पारित किए गए। इतना ही नहीं, पंचों की अनुमति के अभाव में वित्तीय स्वीकृति देकर शासकीय राशि का आहरण किया गया, जो कि पंचायत नियमों एवं प्रक्रियाओं का सीधा उल्लंघन माना जा रहा है।

⚖️ कानून का उल्लंघनगंभीर धाराओं में मामला
विशेषज्ञों के अनुसार यह मामला छत्तीसगढ़ पंचायती राज अधिनियम, 1993 की धारा 40 एवं 92 के अंतर्गत गंभीर वित्तीय अनियमितता एवं शासकीय निधि के दुरुपयोग की श्रेणी में आता है। यदि आरोप प्रमाणित होते हैं, तो संबंधित पदाधिकारियों पर कड़ी वैधानिक कार्रवाई संभव है।

📉 पारदर्शिता पर सवाल, शासन को नुकसान की आशंका
इस पूरे घटनाक्रम से पंचायत की कार्यप्रणाली की पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़े हो गए हैं। साथ ही, शासकीय राशि के दुरुपयोग से शासन को आर्थिक क्षति पहुंचने की आशंका भी जताई जा रही है।

अवैध हो सकते हैं सभी प्रस्ताव
जानकारों का कहना है कि कोरम पूर्ण किए बिना पारित सभी प्रस्ताव विधि अनुसार अवैध माने जा सकते हैं, जिससे पंचायत के निर्णयों की वैधता भी संदेह के घेरे में आ गई है।

📢 पंचगणों ने की बड़ी मांग
ग्राम पंचायत के पंचगणों द्वारा प्रशासन को शिकायत सौंपते हुए निम्न मांगें की गई हैं—

पंचायत के सभी वित्तीय लेन-देन एवं विकास कार्यों की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच

कैश बुक, मस्टर रोल, वाउचर, बैंक स्टेटमेंट की गहन जांच

अवैध प्रस्तावों को निरस्त घोषित करने की मांग

दोषी पाए जाने पर सरपंच व सचिव पर कड़ी कानूनी कार्रवाई

पंचायत निधि से हुई हानि की वसूली

जांच पूर्ण होने तक वित्तीय अधिकारों का तत्काल निलंबन

🔍 प्रशासन की भूमिका पर नजर
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जिला प्रशासन इस गंभीर मामले में कितनी तत्परता दिखाता है और जांच के बाद क्या सच्चाई सामने आती है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह मामला क्षेत्र में पंचायत स्तर पर बड़े भ्रष्टाचार के रूप में सामने आ सकता है।

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