आबकारी नीति पर उठ रहे सवाल, खुलेआम उड़ रही नियमों की धज्जियां

आबकारी नीति पर उठ रहे सवाल, खुलेआम उड़ रही नियमों की धज्जियां

जांजगीर-चांपा। जिले में आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली और शराब दुकानों के आसपास बढ़ रही अव्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं। शासन द्वारा शराब बिक्री और उसके संचालन के लिए स्पष्ट नियम एवं आबकारी नीति निर्धारित की गई है, लेकिन जिले के कई क्षेत्रों में इन नियमों का पालन होता नजर नहीं आ रहा है। इससे न केवल आबकारी विभाग की कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं, बल्कि कानून व्यवस्था और सड़क सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं बढ़ रही हैं।

जानकारी के अनुसार, सरकार द्वारा संचालित शराब दुकानों के समीप अधिकृत अहातों का संचालन टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से किया जाता है। इसके बावजूद कई स्थानों पर शराब दुकानों के आसपास स्थानीय लोगों द्वारा अवैध रूप से ठेले, गुमटी और अस्थायी दुकानों का संचालन किया जा रहा है। इन दुकानों में खुलेआम चखना बेचा जा रहा है और शराब पीने वालों के बैठने एवं मदिरापान की व्यवस्था भी की गई है, जो आबकारी नियमों के विपरीत माना जा रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इन अवैध चखना दुकानों के कारण शराब दुकानों के आसपास दिनभर भीड़ लगी रहती है। सड़क किनारे वाहनों की अव्यवस्थित पार्किंग और लोगों के जमावड़े से यातायात प्रभावित होता है, जिससे कई बार जाम जैसी स्थिति निर्मित हो जाती है। सड़क पर बढ़ती भीड़ और अव्यवस्था के चलते दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है।

गौरतलब है कि पूर्व में भी शराब दुकानों के आसपास हुई अव्यवस्थाओं और सड़क दुर्घटनाओं के मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे में यदि समय रहते संबंधित विभागों द्वारा प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।

लोगों का मानना है कि यदि आबकारी, राजस्व और पुलिस विभाग समन्वय बनाकर नियमित निगरानी करें तथा अवैध रूप से संचालित चखना दुकानों पर कार्रवाई करें, तो न केवल आबकारी नीति का प्रभावी पालन सुनिश्चित होगा बल्कि यातायात व्यवस्था और आमजन की सुरक्षा भी बेहतर हो सकेगी।

अब देखना यह होगा कि संबंधित विभाग इस गंभीर समस्या को लेकर क्या कदम उठाते हैं और नियमों की अनदेखी करने वालों पर कब तक कार्रवाई होती है।

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