
बम्हिनिदीह में वादों की बारिश, लेकिन जमीनी हकीकत में अवैध कारोबार का बोलबाला
जांजगीर-चांपा।
बम्हिनिदीह नगर पंचायत उपचुनाव में भाजपा नेताओं की लगातार एंट्री और बड़े-बड़े वादों की गूंज सुनाई दे रही है। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री Arun Sao भी चुनाव प्रचार के लिए बम्हिनिदीह पहुंचे और मंच से विकास, योजनाओं और सुविधाओं की लंबी चौड़ी बातें करते नजर आए। भाजपा द्वारा चुनावी संकल्प पत्र भी जारी किया गया, जिसमें कई बड़े वादे किए गए हैं। लेकिन सवाल यह है कि आखिर धरातल पर इन वादों की सच्चाई कितनी दिखाई देती है?
स्थानीय लोगों का कहना है कि बम्हिनिदीह क्षेत्र लंबे समय से अवैध कारोबार का गढ़ बना हुआ है। रेत खनन से लेकर अन्य अवैध गतिविधियों तक, कई मामलों में क्षेत्र का नाम लगातार सामने आता रहा है। ऐसे में चुनावी मंचों से विकास के दावे जनता को सिर्फ भाषणबाजी नजर आ रहे हैं।
भाजपा नेताओं द्वारा लगातार “मोदी की गारंटी”, प्रधानमंत्री आवास और महतारी वंदन योजना का प्रचार किया जा रहा है। चुनावी सभाओं में महिलाओं को यह बताने का प्रयास किया जा रहा है कि सरकार ने उनके खातों में हजारों रुपए भेजे हैं। लेकिन जनता अब इन योजनाओं के प्रचार और वास्तविक स्थिति के बीच का अंतर भी समझने लगी है।
लोगों का कहना है कि यदि योजनाएं इतनी प्रभावी हैं तो फिर आज भी कई जरूरतमंद परिवार प्रधानमंत्री आवास से वंचित क्यों हैं? कई स्थानों पर आवास योजना में गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार की शिकायतें सामने आती रही हैं। आरोप यह भी लगते रहे हैं कि हितग्राहियों से रकम वसूली जा रही है और बिना निर्माण के ही भुगतान निकालने जैसे मामले सामने आ रहे हैं।
वहीं महंगाई को लेकर भी आम जनता में नाराजगी दिखाई दे रही है। पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दाम, व्यापार में मंदी और रोजमर्रा के खर्चों में लगातार बढ़ोतरी ने मध्यम और निम्न वर्ग की कमर तोड़ दी है। व्यापारियों का कहना है कि बाजार में ग्राहकी कमजोर हो गई है और छोटे कारोबारियों पर आर्थिक दबाव लगातार बढ़ रहा है।
स्थानीय लोगों के बीच अब यह चर्चा तेज है कि चुनावी मंचों से किए जा रहे वादों और जमीनी हकीकत में बड़ा अंतर दिखाई देता है। जनता अब भाषण नहीं, बल्कि क्षेत्र में वास्तविक बदलाव और समस्याओं के समाधान की उम्मीद कर रही है।




