पैसा मांगते हुए ऑडियो वायरल, प्रत्येक किस्त में पांच-पांच हजार की अवैध वसूली का आरोप

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पैसा मांगते हुए ऑडियो वायरल, प्रत्येक किस्त में पांच-पांच हजार की अवैध वसूली का आरोप

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जांजगीर चांपा। प्रधानमंत्री आवास योजना एवं पशु शेड निर्माण कार्य के नाम पर अवैध धनराशि मांगने एवं शासकीय सेवा नियमों के उल्लंघन संबंधी शिकायत

सरपंच पति नलसाय दिवाकर आत्मानंद स्कूल नवागढ़ में शिक्षक पद पर पदस्थ
जिला कलेक्टर एवं जनपद सीईओ नवागढ़ से हुई लिखित शिकायत

जांजगीर-चांपा। जिले के जनपद पंचायत नवागढ़ अंतर्गत ग्राम पंचायत पचरी में प्रधानमंत्री आवास योजना एवं पशु शेड निर्माण कार्य के नाम पर अवैध रूप से धनराशि मांगने का गंभीर मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत पचरी निवासी यशवंत बंजारे, समाज सेवक सुरेंद्र रत्नाकर एवं कृष्ण टंडन ने जिला कलेक्टर, जनपद पंचायत सीईओ नवागढ़, डीईओ जांजगीर सहित संबंधित अधिकारियों को लिखित शिकायत सौंपकर निष्पक्ष जांच एवं वैधानिक कार्रवाई की मांग की है।

शिकायतकर्ता यशवंत बंजारे ने आरोप लगाया है कि ग्राम पंचायत पचरी के सरपंच प्रतिनिधि एवं सरपंच पति नलसाय दिवाकर द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना एवं पशु शेड निर्माण कार्य स्वीकृत कराने तथा संबंधित राशि खाते में डलवाने के एवज में ₹30,000 की मांग की गई। शिकायतकर्ता के अनुसार, पूर्व में ₹5,000 नगद राशि भी दी जा चुकी है। मामले में ऑडियो साक्ष्य उपलब्ध होने का दावा किया गया है, जिसमें पैसों की मांग से संबंधित बातचीत स्पष्ट रूप से सुनाई देने की बात कही गई है। साथ ही प्रत्येक किस्त जारी होने पर ₹5,000 की अवैध वसूली किए जाने का भी आरोप लगाया गया है।

शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि नलसाय दिवाकर वर्तमान में स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय नवागढ़ में शिक्षक के पद पर पदस्थ हैं। शासकीय सेवक होने के बावजूद वे ग्राम पंचायत पचरी की प्रशासनिक एवं वित्तीय गतिविधियों में सक्रिय हस्तक्षेप कर रहे हैं। आरोप है कि वे पंचायत बैठकों, प्रस्ताव रजिस्टर तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं के संचालन में प्रत्यक्ष भूमिका निभाते हैं, जो शासकीय सेवा आचरण नियमों के विपरीत माना जा रहा है।

शिकायतकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर हितग्राहियों से अवैध रूप से धनराशि की मांग की जाती है। इस संबंध में ऑडियो एवं वीडियो साक्ष्य सोशल मीडिया में वायरल होने की बात भी शिकायत में कही गई है, जिससे मामला प्रथम दृष्टया गंभीर प्रतीत हो रहा है।

शिकायतकर्ताओं ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच कराई जाए तथा दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, शासकीय सेवा नियमों एवं अन्य प्रासंगिक विधिक प्रावधानों के तहत कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में शासकीय योजनाओं में होने वाली अवैध वसूली एवं भ्रष्टाचार पर रोक लगाई जा सके।

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