
“रसूख का मुखौटा, कर्ज का सच” — जांजगीर-चांपा में दिखावे के ‘बड़े लोग’ बेनकाब
जांजगीर-चांपा।
शहर में इन दिनों कुछ ऐसे तथाकथित “बड़े लोग” चर्चा में हैं, जिनकी चमक-दमक जितनी बाहर दिखती है, अंदर की हकीकत उतनी ही खोखली बताई जा रही है। बड़े मंच, भारी भीड़, नेताओं के साथ फोटो—सब कुछ है… बस एक चीज़ की कमी है—ईमानदारी और भुगतान की नीयत।
कहने को ये लोग शहर के रसूखदार चेहरे हैं, जिनका शेड्यूल इतना “बिजी” बताया जाता है कि आम आदमी तो दूर, अपने ही लेनदारों से मिलने का वक्त नहीं मिलता। लेकिन हकीकत यह है कि यही “बिजी शेड्यूल” अक्सर उन लोगों से बचने का बहाना बन जाता है, जिनका पैसा महीनों से अटका पड़ा है।
बाजार में चर्चा है कि इन दिखावटी अमीरों ने अपनी “इमेज” बनाने के लिए पूरा तामझाम खड़ा कर रखा है—
खास आदमी, गुर्गे, मंचों पर जगह, बड़े आयोजनों में मौजूदगी—सब कुछ मैनेज्ड। लेकिन जब बात आती है उधारी चुकाने की, तो यही लोग नजरें चुराते, रास्ता बदलते और फोन तक उठाना बंद कर देते हैं।
चौंकाने वाली बात यह है कि जहां एक ओर ये लोग मंचों पर चंदा देकर अपनी “दरियादिली” का दिखावा करते हैं, वहीं दूसरी ओर जिन कर्मचारियों या साथ काम करने वालों ने मेहनत की, उनकी तनख्वाह तक समय पर नहीं दी जाती। यानी इज्जत बचाने के लिए चंदा जरूरी, लेकिन मेहनत की कमाई चुकाना नहीं!
कई व्यापारी अब खुलकर कहने लगे हैं कि ऐसे लोगों ने बाजार का भरोसा तोड़ दिया है। कुछ पुराने कारोबारी तो बर्बादी के कगार पर पहुंच गए, क्योंकि उन्होंने भरोसा कर उधारी दे दी। आज वही लोग अपने ही पैसे के लिए दर-दर भटक रहे हैं।
और जब कोई अपना पैसा मांगने जाता है, तो जवाब मिलता है—
“साहब मीटिंग में हैं…”
“अभी बाहर गए हैं…”
“प्रोटोकॉल बहुत टाइट है…”
लेकिन जैसे ही कोई बड़ा नेता या मंत्री शहर में आता है, वही “बिजी” साहब सबसे आगे खड़े नजर आते हैं—तस्वीरें खिंचवाते, कंधे से कंधा मिलाते। ताकि बाजार में उनकी “ऊपर तक पहुंच” का भ्रम बना रहे।
असलियत यह है कि यह पहुंच पहचान से नहीं, बल्कि उन्हीं पैसों से बनती है जो बाजार से उधार लेकर “इमेज मैनेजमेंट” में झोंक दिए जाते हैं।
अब बाजार भी धीरे-धीरे जाग रहा है। कई व्यापारी ऐसे लोगों को पहचानकर उधारी देने से साफ इनकार करने लगे हैं।
फिर भी, बड़ा बाजार है—कोई न कोई इनके जाल में फंस ही जाता है।
सवाल यह है—
क्या ऐसे “दिखावटी रसूखदारों” पर कभी नकेल कसेगी?
या फिर ये लोग इसी तरह आम लोगों की मेहनत की कमाई से अपनी झूठी शान बनाते रहेंगे?
जल्द ही ऐसे कुछ चेहरों का नाम सहित खुलासा…
बने रहिए हमारे साथ।




