


अस्पताल नहीं पहुंचा तो इलाज पहुंच गया बस्ती तक
जांजगीर-चांपा में 4 मोबाइल मेडिकल यूनिट बनीं जरूरतमंदों की सेहत का सहारा
3.30 लाख से अधिक मरीजों का उपचार, 70 हजार से ज्यादा जांच और 3.15 लाख से अधिक दवाइयों का वितरण
जांजगीर-चांपा। इलाज के लिए अस्पताल तक पहुंचना हर किसी के लिए आसान नहीं होता। खासकर नगरीय निकायों की स्लम बस्तियों में रहने वाले गरीब, श्रमिक, बुजुर्ग और जरूरतमंद परिवारों के लिए समय, दूरी और इलाज का खर्च बड़ी बाधा बन जाता है। ऐसे लोगों के लिए मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना ने स्वास्थ्य सेवा की दिशा ही बदल दी है। अब मरीजों को अस्पताल तक पहुंचने का इंतजार नहीं, बल्कि मोबाइल मेडिकल यूनिट खुद उनके क्षेत्र तक पहुंच रही है।
जांजगीर-चांपा जिले में संचालित 4 मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से अब तक 3 लाख 30 हजार से अधिक मरीजों का उपचार, 70 हजार से ज्यादा पैथोलॉजी जांच और 3 लाख 15 हजार से अधिक दवाइयों का वितरण किया जा चुका है। यह आंकड़े इस बात की तस्वीर पेश करते हैं कि नगरीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधा किस तरह लोगों के करीब पहुंच रही है।
इलाज के साथ बचाव का संदेश भी
MMU में मरीजों के उपचार के साथ उन्हें स्वास्थ्य संबंधी जानकारी और बीमारी से बचाव के उपाय भी बताए जाते हैं। मौसम बदलने के दौरान होने वाली मौसमी बीमारियों से बचाव, साफ-सफाई, स्वच्छ पानी, संतुलित खान-पान और व्यक्तिगत स्वच्छता सहित नियमित स्वास्थ्य जांच के महत्व के बारे में लोगों को जागरूक किया जाता है।
यानी मोबाइल मेडिकल यूनिट की भूमिका केवल बीमारी का इलाज करने तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों को बीमारी से बचने और स्वस्थ रहने के प्रति जागरूक करने पर भी जोर दिया जा रहा है।
स्वच्छता दीदियों के स्वास्थ्य की भी चिंता
शहर को स्वच्छ रखने में रोजाना महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली स्वच्छता दीदियों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए भी विशेष पहल की जा रही है। प्रत्येक माह विशेष स्वास्थ्य परीक्षण अभियान/पखवाड़े के माध्यम से इन महिला कर्मियों की स्वास्थ्य जांच की जाती है और आवश्यकता के अनुसार चिकित्सकीय परामर्श दिया जाता है।
जो महिलाएं पूरे शहर की स्वच्छता की जिम्मेदारी संभालती हैं, उनके स्वास्थ्य की नियमित निगरानी की यह पहल योजना के मानवीय और कल्याणकारी पक्ष को सामने लाती है।
41 जांच से ECG तक, एक ही जगह सुविधा
डॉ. सोनिया जायसवाल ने बताया कि मोबाइल मेडिकल यूनिट में मरीजों को कई आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। MMU में 41 प्रकार की पैथोलॉजी जांच पूरी तरह निःशुल्क की जाती हैं। इसके साथ ही हृदय संबंधी जांच के लिए ECG की सुविधा भी उपलब्ध है।
उन्होंने बताया कि मोबाइल मेडिकल यूनिट सुबह 8 बजे से दोपहर 3 बजे तक नगरीय निकायों के स्लम एवं जरूरतमंद क्षेत्रों में पहुंचकर मरीजों का परीक्षण और उपचार करती हैं। चिकित्सकीय सलाह के बाद आवश्यक दवाइयां भी निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं।
डॉ. जायसवाल ने लोगों से अपील की कि वे अपने क्षेत्र में पहुंचने वाली मोबाइल मेडिकल यूनिट का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर उसे नजरअंदाज करने के बजाय समय पर जांच एवं चिकित्सकीय परामर्श लें।
जांजगीर-चांपा में 4 मोबाइल मेडिकल यूनिट अब सिर्फ स्वास्थ्य सेवा की गाड़ियां नहीं रहीं। ये उन बस्तियों तक इलाज, जांच, दवा और स्वास्थ्य जागरूकता पहुंचाने का माध्यम बन गई हैं, जहां जरूरत सबसे ज्यादा है।




