नवरात्रि में 102 परिवारों की सनातन धर्म में घर वापसी, प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने चरण पखारकर किया स्वागत

नवरात्रि में 102 परिवारों की सनातन धर्म में घर वापसी, प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने चरण पखारकर किया स्वागत

जैजैपुर के गलगलाडीह में श्रीमद् देवी भागवत कथा के मंच से हुआ आयोजन, सक्ती जिले को धर्मांतरण-मुक्त बनाने का आह्वान

चांपा/जैजैपुर। नवरात्रि के पावन पर्व पर सक्ती जिले के जैजैपुर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गलगलाडीह में आयोजित श्रीमद् देवी भागवत कथा के दौरान 102 परिवारों की सनातन धर्म में घर वापसी कराए जाने का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अखिल भारतीय घर वापसी अभियान के प्रमुख एवं भाजपा छत्तीसगढ़ के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रबल प्रताप सिंह जूदेव शामिल हुए। उन्होंने घर वापसी करने वाले परिवारों के सदस्यों के चरण पखारकर उनका स्वागत किया। आयोजन में धर्म जागरण समन्वय, धर्म सेना, सेवा न्याय उत्थान फाउंडेशन एवं दिलीप सिंह जूदेव फाउंडेशन की सहभागिता रही।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं, ग्रामीणजन और सनातन समाज के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इस अवसर पर प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने समाज को अपनी धार्मिक-सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि समाज को धर्मांतरण से जुड़े मामलों के प्रति सजग रहने और अपनी सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखने की आवश्यकता है। उन्होंने सेवा की आड़ में धर्मांतरण कराए जाने के आरोपों पर चिंता जताते हुए समाज से एकजुट रहने का आह्वान किया।

जूदेव ने कहा कि सनातन धर्म भारत की सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं का महत्वपूर्ण आधार है। अपनी जड़ों, परंपराओं और मूल आस्था से जुड़ाव समाज की शक्ति है। उन्होंने स्वर्गीय कुमार दिलीप सिंह जूदेव के संकल्पों का स्मरण करते हुए कहा कि घर वापसी अभियान के माध्यम से लोगों को अपनी मूल सांस्कृतिक पहचान से जोड़ने का प्रयास आगे भी जारी रहेगा।

उन्होंने मां दुर्गा के महिषासुरमर्दिनी स्वरूप का स्मरण करते हुए मातृशक्ति से सनातन धर्म, संस्कृति और सामाजिक समरसता की रक्षा के लिए एकजुट होने तथा सक्ती जिले को धर्मांतरण-मुक्त बनाने के संकल्प के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।

महापुरुषों के त्याग और समर्पण को किया याद

कार्यक्रम में विश्व हिंदू परिषद के आचार्य राकेश जी ने स्वामी श्रद्धानंद, स्वामी लक्ष्मणानंद, अशोक सिंघल एवं स्वर्गीय कुमार दिलीप सिंह जूदेव के योगदान का स्मरण किया। उन्होंने कहा कि इन महापुरुषों ने धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित किया। उन्होंने समाज से उनके विचारों और आदर्शों से प्रेरणा लेकर सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण के लिए कार्य करने की अपील की।

वहीं, धर्म जागरण समन्वय की महिला शक्ति प्रांत संयोजिका अंजू गाबेल ने मातृशक्ति से एकजुट होकर मां भगवती के दरबार में सक्ती जिले को धर्मांतरण-मुक्त बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया।

घर वापसी करने वाले परिवारों ने जताई खुशी

आयोजकों के अनुसार, सनातन धर्म में पुनः लौटने वाले 102 परिवारों ने अपनी परंपराओं और समाज से दोबारा जुड़ने पर खुशी व्यक्त की। कार्यक्रम के दौरान धर्म सेना की ओर से बाइक रैली भी निकाली गई। रैली में जय श्रीराम के जयघोष के साथ धार्मिक उत्साह का माहौल देखने को मिला।

फाउंडेशन ने घर वापसी अभियान को लेकर कही यह बात

दिलीप सिंह जूदेव फाउंडेशन के दिग्विजय सिंह ने बताया कि संस्था के माध्यम से निरंतर घर वापसी के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि संस्था का प्रयास है कि जो लोग अपनी मूल धार्मिक-सांस्कृतिक परंपराओं से दूर हो गए हैं, उन्हें जागरूक कर उनसे दोबारा जोड़ने की दिशा में काम किया जाए। इसके लिए संस्था लगातार प्रयासरत है।

बड़ी संख्या में लोग रहे उपस्थित

कार्यक्रम में कृष्णकांत चंद्रा, कीर्तन चंद्रा, पुष्पा परदेशी खुंटे, सीताराम चंद्रा, बालेश्वर साहू, रामकुमार यादव, काशीराम चंद्रा, सुमीत अग्रवाल, बलराम चंद्रा, दीपचंद अग्रवाल एवं केशव प्रसाद चंद्रा सहित स्थानीय ग्राम प्रमुख, सनातन समाज के वरिष्ठ प्रतिनिधि, युवा समिति के सदस्य, मातृशक्ति, ग्रामीणजन, जनप्रतिनिधि एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का समापन धार्मिक जयघोष के साथ हुआ। आयोजकों ने समाज में धार्मिक-सांस्कृतिक जागरूकता बढ़ाने और अपनी परंपराओं से जुड़ाव मजबूत करने के लिए अभियान जारी रखने की बात कही।

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