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हटरी बाजार में मां दुर्गा के दर्शन के लिए उमड़ रहे श्रद्धालु, 35 वर्षों से जारी है परंपरा

हटरी बाजार में मां दुर्गा के दर्शन के लिए उमड़ रहे श्रद्धालु, 35 वर्षों से जारी है परंपरा

नारियल, मौली धागा, चुनरी और चूड़ियों से सजा आकर्षक पंडाल बना आकर्षण का केंद्र, सप्तमी को होगी भव्य महाआरती

चांपा। शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर चांपा के हटरी बाजार में मां दुर्गा की आराधना के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। जय मां दुर्गा उत्सव समिति, हटरी बाजार द्वारा स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमा भक्तों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। सुबह और शाम आरती के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता रानी के दर्शन करने पहुंच रहे हैं। इस वर्ष पंडाल की विशेष सजावट भक्तों के बीच खास चर्चा का विषय बनी हुई है। नारियल, मौली धागा, चुनरी एवं चूड़ियों का उपयोग कर पंडाल को आकर्षक स्वरूप दिया गया है, जो श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है।

माता रानी के आगमन पर समिति द्वारा भव्य स्वागत किया गया, जिसके बाद विधि-विधान से प्रतिमा स्थापना कर पूजा-अर्चना प्रारंभ की गई। पंडाल में आकर्षक विद्युत सज्जा और धार्मिक साज-सज्जा के बीच मां दुर्गा के दर्शन करने पहुंच रहे भक्त श्रद्धा और भक्ति में लीन नजर आ रहे हैं। सुबह-शाम संगीतमय आरती और भजन संध्या से पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में सराबोर है।

35 वर्षों से निरंतर जारी है मां दुर्गा की आराधना

समिति के सदस्य हिमांशु शर्मा एवं आयुष केशरवानी ने बताया कि हटरी बाजार में मां दुर्गा की पूजा-अर्चना का आयोजन पिछले 35 वर्षों से निरंतर किया जा रहा है। प्रत्येक वर्ष आयोजन को विशेष बनाने का प्रयास किया जाता है। माता रानी की कृपा और श्रद्धालुओं की अटूट आस्था के चलते यह धार्मिक परंपरा वर्षों से निरंतर जारी है। इस वर्ष भी समिति ने पंडाल की सजावट और धार्मिक आयोजनों को विशेष रूप देने का प्रयास किया है। नारियल, मौली धागा, चुनरी और चूड़ियों से की गई सजावट पंडाल को अलग पहचान दे रही है।

प्रतिदिन विशेष भोग, संगीतमय आरती और भजन संध्या

नवरात्रि के दौरान प्रतिदिन माता रानी को विशेष भोग अर्पित किया जा रहा है, जिसे बाद में श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद के रूप में वितरित किया जाता है। सुबह और शाम बाहर से आए कलाकारों द्वारा संगीतमय आरती प्रस्तुत की जा रही है। इसके बाद भजन संध्या में भक्ति गीतों की अविरल धारा बहती है। आकर्षक लाइटिंग, पारंपरिक धार्मिक सामग्री से की गई सजावट और मां दुर्गा का दिव्य स्वरूप श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण बना हुआ है।

सप्तमी को विशेष पूजा और महाआरती, अष्टमी को कन्या भोज

समिति के आचार्य पंडित पद्मेश शर्मा ने बताया कि इस वर्ष दस दिवसीय नवरात्रि पर्व के प्रथम दिन वेदी पूजन और घट स्थापना के साथ विधिवत पूजा-अर्चना प्रारंभ की गई। सप्तमी की रात्रि विशेष पूजन के बाद माता रानी को नींबू की माला अर्पित की जाएगी। इसी दिन शाम 8 बजे भव्य महाआरती का आयोजन रखा गया है। इसके पश्चात अष्टमी को कन्या भोज और नवमी को दोपहर में हवन संपन्न होगा।

शाम 6 से रात 10 बजे तक भजन संध्या

नवरात्रि के दौरान प्रतिदिन शाम 6 बजे से रात 10 बजे तक भजन संध्या के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। समिति ने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर मां दुर्गा के दर्शन करने, पूजा-अर्चना में सहभागिता निभाने और नवरात्रि महापर्व की दिव्यता का अनुभव करने की अपील की है।

हटरी बाजार में मां दुर्गा का दरबार इन दिनों श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का केंद्र बना हुआ है। 35 वर्षों से चली आ रही यह धार्मिक परंपरा क्षेत्र की आस्था और सामूहिक सहभागिता का प्रतीक बनी हुई है। वहीं नारियल, मौली धागा, चुनरी और चूड़ियों से सजे पंडाल की अनूठी सजावट श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण बनी हुई है।

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