सीसीआरटी दिल्ली के पुनश्चर्या पाठ्यक्रम में छत्तीसगढ़ के 8 शिक्षक हुए शामिल

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सीसीआरटी दिल्ली के पुनश्चर्या पाठ्यक्रम में छत्तीसगढ़ के 8 शिक्षक हुए शामिल

जांजगीर-चांपा। सांस्कृतिक स्रोत एवं प्रशिक्षण केंद्र (सीसीआरटी) मुख्यालय, नई दिल्ली में 27 से 31 जुलाई तक “शिक्षा के लिए एकीकृत दृष्टिकोण” विषय पर पांच दिवसीय पुनश्चर्या पाठ्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें देश के 18 राज्यों के 121 सीसीआरटी प्रशिक्षित शिक्षक-शिक्षिकाओं ने हिस्सा लिया।

पाठ्यक्रम के दौरान शिक्षा, कला, संस्कृति, काव्य, नाटक, कठपुतली कला, मूर्तिकला, अभिनय, स्वास्थ्य एवं योग सहित विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों का ज्ञानवर्धन किया। इसके साथ ही शैक्षणिक भ्रमण के तहत कुतुब कॉम्पलेक्स एवं रायपिथौरा परिसर का भ्रमण कराया गया, जहां प्रतिभागियों को भारत के गौरवशाली इतिहास एवं सांस्कृतिक विरासत को समझने का अवसर मिला। भ्रमण के अनुभवों पर प्रतिभागियों द्वारा रिपोर्ट भी प्रस्तुत की गई।

छत्तीसगढ़ शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद, रायपुर तथा डाइट जांजगीर एवं रायगढ़ के आदेश के तहत प्रदेश के कुल आठ शिक्षक-शिक्षिकाओं ने पाठ्यक्रम में शामिल होकर छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व किया। इनमें जांजगीर-चांपा जिले से वरिष्ठ व्याख्याता ललित नारायण उपाध्याय, राज्यपाल पुरस्कृत शिक्षक राजेश कुमार सूर्यवंशी, व्याख्याता राजेश कुमार तंबोली, शिक्षक उदय कुमार देवांगन, व्याख्याता जुगल किशोर शुक्ला एवं शिक्षक जैनेन्द्र कुमार तिवारी तथा रायगढ़ जिले से श्रीमती कात्यायनी डनसेना एवं संजय कुमार पैकरा शामिल रहे।

प्रदेश के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने पाठ्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ की लोककला एवं संस्कृति से देशभर के शिक्षकों को परिचित कराया। साथ ही अपनी-अपनी शालाओं में सीसीआरटी के तहत संचालित गतिविधियों की रिपोर्ट भी प्रस्तुत की।

पाठ्यक्रम के सफल आयोजन में सीसीआरटी मुख्यालय नई दिल्ली के अध्यक्ष डॉ. विनोद नारायण इंदुरकर, निदेशक पप्पुंजय कुमार, उपनिदेशक डॉ. राहुल कुमार, राम शरण एवं आशुतोष, क्षेत्र पदाधिकारी मिथुन दत्ता तथा अन्य अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। विषय विशेषज्ञों के रूप में प्रोफेसर भरत गुप्त, सीमा वाही मुखर्जी, डॉ. मालविका जोशी, डॉ. चारु स्मिता गुप्ता, डॉ. पुलकित जावा एवं डॉ. संजीव पाठक सहित अन्य विशेषज्ञों ने मार्गदर्शन दिया।

छत्तीसगढ़ के शिक्षकों की सहभागिता और प्रदेश की लोककला-संस्कृति के प्रभावी प्रस्तुतिकरण पर विभागीय अधिकारियों एवं शिक्षकों ने हर्ष व्यक्त करते हुए सभी प्रतिभागियों को बधाई दी।

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