
भाजपा में अंतर्कलह! महिला मोर्चा की प्रदेश कार्यसमिति सदस्य पूजा राठौर ने जिलाध्यक्ष से पूछे सवाल, गाड़ी के किराए को लेकर उठाया मुद्दा
बस्तर भ्रमण के लिए वाहन व्यवस्था के बाद किराए के नाम पर पैसे मांगने पर जताई आपत्ति, सोशल मीडिया पोस्ट से संगठन में चर्चा तेज
जांजगीर चांपा। छत्तीसगढ़ भाजपा में महिला मोर्चा से जुड़े एक मामले को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो गई है। महिला मोर्चा की प्रदेश कार्यसमिति सदस्य पूजा राठौर ने फेसबुक पर पोस्ट साझा कर जिला अध्यक्ष (महिला मोर्चा) से सवाल उठाए हैं। पोस्ट में उन्होंने बस्तर भ्रमण के दौरान वाहन व्यवस्था और उसके किराए के नाम पर पैसे मांगे जाने को लेकर आपत्ति जताई है। उनके इस पोस्ट के बाद संगठन के भीतर समन्वय और आपसी संवाद को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
वाहन व्यवस्था और किराए को लेकर उठाए सवाल
पूजा राठौर ने अपनी पोस्ट में जिला अध्यक्ष महिला मोर्चा को संबोधित करते हुए लिखा कि जब रवि भैया द्वारा महिला मोर्चा की बहनों के बस्तर भ्रमण के लिए गाड़ी की व्यवस्था की गई थी, तो फिर उनसे गाड़ी के किराए के नाम पर पैसे क्यों मांगे गए? उन्होंने सवाल किया कि यदि किसी को आर्थिक सहायता की आवश्यकता है, तो व्यक्तिगत रूप से मांगना चाहिए, न कि गाड़ी के किराए के नाम पर।
‘संगठन की गरिमा और आपसी विश्वास पर पड़ता है असर’
फेसबुक पोस्ट में पूजा राठौर ने कहा कि इस विषय पर स्पष्ट जवाब मिलना चाहिए, क्योंकि ऐसी बातें संगठन की गरिमा और आपसी विश्वास को ठेस पहुंचाती हैं। उन्होंने यह भी लिखा कि यदि जिला अध्यक्ष को पैसों की आवश्यकता है और वे उन्हें बहन मानती हैं, तो सीधे उनसे मांग सकती हैं। वह अपनी क्षमता के अनुसार मदद कर देतीं, लेकिन जिस गाड़ी की व्यवस्था उन्होंने नहीं की, उसका किराया उनसे किस अधिकार से मांगा जा सकता है?
सोशल मीडिया पोस्ट के बाद चर्चाओं का दौर
पूजा राठौर की इस पोस्ट पर सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। पोस्ट में कई लोगों की प्रतिक्रियाएं और टिप्पणियां दिखाई दे रही हैं। हालांकि, वाहन के किराए को लेकर वास्तव में क्या स्थिति रही, पैसे किसने और किस आधार पर मांगे तथा संबंधित जिला अध्यक्ष का इस मामले में क्या पक्ष है, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है।
फिलहाल, फेसबुक पर साझा की गई इस पोस्ट ने भाजपा महिला मोर्चा से जुड़े मामले को चर्चा में ला दिया है। मामले के सभी पहलुओं और संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।



