मन की मुराद पूरी करने वाली मां मानकादाई,खोखरा गांव में नवरात्रि पर उमड़ती है आस्था की भीड़

img 20260324 wa0573993247875141912470 Console Corptech
img 20260324 wa05727734306842544690715 Console Corptech
img 20260324 wa05753557972032994547980 Console Corptech
img 20260324 wa05747319838335942455354 Console Corptech

मन की मुराद पूरी करने वाली मां मानकादाई,खोखरा गांव में नवरात्रि पर उमड़ती है आस्था की भीड़

जांजगीर-चांपा। चैत्र नवरात्र के पावन अवसर पर जिले के खोखरा गांव स्थित मां मानकादाई मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। मान्यता है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई हर मुराद पूरी होती है। नवरात्रि के दौरान हजारों श्रद्धालु माता के दरबार में पहुंचकर पूजा-अर्चना कर रहे हैं और मनोकामना ज्योति कलश प्रज्वलित करा रहे हैं।

स्वप्न में दर्शन के बाद हुई माता की स्थापना

ग्रामीणों के अनुसार, जिस स्थान पर आज मां मानकादाई विराजमान हैं, वहां पहले घना जंगल और चारों ओर तालाब हुआ करते थे। बताया जाता है कि खोखरा गांव के मालगुजार तिवारी परिवार के एक सदस्य को माता ने स्वप्न में दर्शन देकर मूर्ति स्थापना का निर्देश दिया। इसके बाद गांव वालों के सहयोग से माता की मूर्ति बनवाकर विधि-विधान से स्थापना की गई। तभी से प्रतिदिन सुबह-शाम पूजा-अर्चना की परंपरा चली आ रही है। तिवारी परिवार की कुलदेवी होने के कारण हर नवरात्रि में परिवार का एक सदस्य जजमान बनकर पूजा करता है।

आस्था से जुड़ी मान्यताएं

ग्रामीणों का कहना है कि पहले गांव में अकाल या महामारी के समय माता की आकाशवाणी होती थी और माता की कृपा से गांव की रक्षा होती थी। आज भी श्रद्धालु लोट मारते हुए माता के दरबार पहुंचते हैं और आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। माता के प्रति लोगों की गहरी आस्था के कारण दूर-दूर से भक्त यहां पहुंचते हैं।

विश्व शांति और सुख समृद्धि के लिए कराई जाती हैं पूजा

हर नवरात्र में ट्रस्ट की ओर से विश्व शांति  सुख समृद्धि मनोकामना पूर्ण करने के लिए विधि विधान से देवी पाठ और अभिषेक कराया जाता हैं,तिवारी परिवार की कुल देवी माना जाता हैं और जजमान के रूप में तिवारी परिवार के एक सदस्य को पूजा में बैठाया जाता हैं, यहां की देवी को मन की सुनने वाली मां मानकादाई कहते हैं,

हजारों ज्योति कलश, दूर-दराज से पहुंचते हैं श्रद्धालु

नवरात्रि के दौरान छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों से भी श्रद्धालु मां मानकादाई के दर्शन के लिए आते हैं। यहां चार हजार से अधिक मनोकामना ज्योति कलश प्रज्वलित कराए जा रहे हैं। श्रद्धालु परिवार की सुख-समृद्धि और मनोकामना पूर्ति की कामना लेकर माता के दरबार में मत्था टेकते हैं।

नौ दिनों तक लगता है विशाल मेला

मंदिर के पास तालाब किनारे नौ दिनों तक भव्य मेला लगता है। जिले के अलग-अलग गांवों से लोग यहां पहुंचकर मेला का आनंद उठाते हैं। मंदिर परिसर, तालाब और आसपास का प्राकृतिक वातावरण श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क भोजन की व्यवस्था

मां मानकादाई पब्लिक ट्रस्ट द्वारा नवरात्रि के नौ दिनों तक श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क भोजन की व्यवस्था की जाती है। हर दिन हजारों भक्त दर्शन के बाद प्रसाद के रूप में भोजन ग्रहण करते हैं।

देवी-देवताओं से घिरा है खोखरा गांव

खोखरा गांव में कई देवी-देवताओं के मंदिर भी स्थित हैं। इनमें मुख्य रूप से मां मानकादाई, शारदा देवी, काली माता, शीतला माता, ठाकुर देवता, पराउ बैगा, प्राचीन शिव मंदिर, हनुमान मंदिर और धोबनीन दाई शामिल हैं। ग्रामीण बताते हैं कि गांव में 200 से अधिक तालाब भी मौजूद हैं, जो इस क्षेत्र की विशेष पहचान हैं।

ऐसे पहुंचे मां मानकादाई मंदिर
मां मानकादाई मंदिर जांजगीर जिला मुख्यालय से करीब 5 किलोमीटर दूर खोखरा गांव में स्थित है। नैला रेलवे स्टेशन से इसकी दूरी लगभग 7 किलोमीटर है। बिलासपुर से लगभग 50 किलोमीटर और रायपुर से करीब 200 किलोमीटर दूर यह आस्था का प्रमुख केंद्र है, जहां नवरात्रि पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।

Related Articles

प्रातिक्रिया दे

Back to top button