


वार्ड क्रमांक 15 में कथित अवैध कब्जों को लेकर बढ़ा जनआक्रोश, निष्पक्ष कार्रवाई की मांग तेज
जांजगीर चांपा । जिले के नगर पंचायत नवागढ़ के वार्ड क्रमांक 15 में शासकीय भूमि पर कथित अवैध कब्जों एवं निर्माण कार्यों को लेकर क्षेत्र में असंतोष का माहौल लगातार गहराता जा रहा है। स्थानीय नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा लंबे समय से प्रशासन के समक्ष शिकायतें प्रस्तुत की जा रही हैं, लेकिन अब तक सभी मामलों में समान रूप से प्रभावी कार्रवाई नहीं होने के आरोपों ने लोगों की चिंता और नाराजगी को बढ़ा दिया है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि वार्ड में कई स्थानों पर शासकीय भूमि एवं सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर कथित रूप से अतिक्रमण कर निर्माण कार्य किए जा रहे हैं। इन मामलों को लेकर समय-समय पर नगर पंचायत एवं राजस्व विभाग सहित संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को लिखित एवं मौखिक शिकायतें दी गई हैं। इसके बावजूद कई मामलों में जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ने के कारण लोगों के बीच असंतोष की स्थिति निर्मित हो गई है।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि कुछ मामलों में प्रशासन द्वारा निर्माण सामग्री जब्त करने, निर्माण कार्य रुकवाने तथा नोटिस जारी करने जैसी कार्रवाई की गई है, जबकि अन्य शिकायतों पर अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इसी कारण लोगों के बीच यह सवाल उठने लगा है कि सभी मामलों में एक समान मापदंड अपनाया जा रहा है या नहीं। नागरिकों का मानना है कि कानून और प्रशासनिक नियम सभी के लिए समान होने चाहिए तथा किसी भी व्यक्ति को नियमों से ऊपर नहीं माना जाना चाहिए।
वार्ड के जागरूक नागरिकों का कहना है कि यदि किसी भी स्थान पर शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा अथवा नियम विरुद्ध निर्माण पाया जाता है तो उसके विरुद्ध बिना किसी भेदभाव के कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। लोगों का मानना है कि चयनात्मक कार्रवाई से प्रशासन की निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं और आम जनता का विश्वास कमजोर पड़ता है। इसलिए सभी शिकायतों की पारदर्शी एवं निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति को सार्वजनिक किया जाना आवश्यक है।
क्षेत्र के कई नागरिकों ने यह भी मांग की है कि राजस्व, नगर पंचायत एवं संबंधित विभागों की संयुक्त टीम गठित कर वार्ड क्रमांक 15 में व्यापक सर्वे कराया जाए। सर्वे के माध्यम से यह स्पष्ट किया जाए कि कौन-कौन से निर्माण वैध हैं और किन मामलों में नियमों का उल्लंघन हुआ है। यदि किसी भी व्यक्ति द्वारा शासकीय भूमि पर अतिक्रमण किया गया है तो उसे तत्काल हटाकर भूमि को मूल स्वरूप में वापस लिया जाए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सार्वजनिक भूमि आम जनता की संपत्ति होती है और उसका संरक्षण प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। यदि समय रहते अवैध कब्जों पर प्रभावी नियंत्रण नहीं किया गया तो भविष्य में यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है। इसके अलावा सार्वजनिक मार्ग, नाली, शासकीय भूमि एवं अन्य सामुदायिक सुविधाओं पर होने वाले अतिक्रमण से आम नागरिकों को भी विभिन्न प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
जनप्रतिनिधियों एवं सामाजिक संगठनों ने भी प्रशासन से आग्रह किया है कि शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उनका कहना है कि निष्पक्ष जांच एवं पारदर्शी कार्रवाई ही इस विवाद का स्थायी समाधान हो सकती है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी व्यक्ति को गलत तरीके से परेशान किया जा रहा है तो उसकी भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि किसी के साथ अन्याय न हो।
इधर क्षेत्र के नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी शिकायतों पर शीघ्र एवं संतोषजनक कार्रवाई नहीं की गई तो वे जिला प्रशासन तथा उच्च अधिकारियों के समक्ष अपनी बात रखने के लिए बाध्य होंगे। लोगों का कहना है कि वे केवल कानून के समान पालन और निष्पक्ष प्रशासनिक कार्रवाई की अपेक्षा रखते हैं।
फिलहाल वार्ड क्रमांक 15 में कथित अवैध कब्जों का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। अब क्षेत्रवासियों की निगाहें प्रशासनिक अधिकारियों पर टिकी हुई हैं और सभी को इस बात का इंतजार है कि शिकायतों की जांच के बाद प्रशासन क्या निर्णय लेता है तथा अवैध कब्जों एवं निर्माण कार्यों को लेकर क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।




