बिलासपुर कृषि विभाग में अटैचमेंट विवाद, कार्य प्रभावित, किसान परेशान! संयुक्त संचालक कृषि पर मनचाही पोस्टिंग का आरोप, व्यवस्था चरमराई

📢 ब्रेकिंग न्यूज़: बिलासपुर कृषि विभाग में अटैचमेंट विवाद, कार्य प्रभावित, किसान परेशान! संयुक्त संचालक कृषि पर मनचाही पोस्टिंग का आरोप, व्यवस्था चरमराई

बिलासपुर, छत्तीसगढ़। संयुक्त संचालक कृषि, बिलासपुर संभाग के कार्यालय में अटैचमेंट (संलग्नता) के नाम पर मनचाही जगहों पर कर्मचारियों की पोस्टिंग को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। सूत्रों और जनप्रतिनिधियों की शिकायत के अनुसार, संयुक्त संचालक ने कथित तौर पर अपने “चाहते लोगों” को नियमों को ताक पर रखकर सुविधाजनक और मनचाहे स्थानों पर अटैचमेंट के माध्यम से तैनात कर दिया है।
प्रमुख शिकायतें और प्रभाव:
* कार्य प्रभावित: मनचाही पोस्टिंग के कारण संयुक्त संचालक के अधिकार क्षेत्र में आने वाले जिलों के मैदानी कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। महत्वपूर्ण पदों पर खालीपन या कम अनुभवी कर्मचारियों की तैनाती से काम सुचारू रूप से नहीं हो पा रहा है।
* जनप्रतिनिधियों की शिकायत: क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने इस मनमानी पर कड़ी आपत्ति जताई है और उच्च अधिकारियों से शिकायत की है। उनका कहना है कि इस तरह की अव्यवस्था से शासकीय कार्यों में बाधा आ रही है।
* किसान परेशान: सबसे अधिक असुविधा किसानों को हो रही है। कृषि योजनाओं के क्रियान्वयन, बीज-खाद वितरण, तकनीकी मार्गदर्शन और अन्य जरूरी कार्यों के लिए कृषि विभाग के कर्मचारियों की कमी या सही जगह पर उनकी अनुपलब्धता से किसान लगातार परेशान हैं। उन्हें आवश्यक सहायता नहीं मिल पा रही है।
* नियमों का उल्लंघन: बताया जा रहा है कि यह पूरा अटैचमेंट प्रक्रिया स्थानांतरण नीति और प्रशासनिक नियमों का खुला उल्लंघन है, जिसका उद्देश्य केवल कुछ व्यक्तियों को लाभ पहुंचाना है।
जांच की मांग और अगला कदम:
यह गंभीर मामला प्रशासनिक पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है। इस संबंध में उच्च अधिकारियों से तत्काल जांच कमेटी गठित करने और इस विवादास्पद अटैचमेंट व्यवस्था को तुरंत रद्द कर पात्र कर्मचारियों को उनके मूल या आवश्यक स्थानों पर भेजने की मांग की जा रही है ताकि किसानों को हो रही असुविधा दूर हो सके और शासकीय कार्य पटरी पर लौट सके।
मामले की गंभीरता को देखते हुए, यह देखना बाकी है कि शासन इस प्रशासनिक अनियमितता पर क्या कदम उठाता है और किसानों को राहत कब मिल पाती है।

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