











गौ सेवा की अलख जगाने आगे आए युवा, आवारा पशुओं को पहनाए हाईलाइटर पट्टे
चांपा। नगर में मानवता और गौ सेवा की मिसाल पेश करते हुए युवाओं की एक टीम ने सड़क पर घूमने वाले निराश्रित एवं घुमंतू पशुओं, विशेषकर गौ माता, के गले में हाईलाइटर (रिफ्लेक्टर) पट्टे पहनाने का अभियान चलाया। इस अभियान में चांपा पुलिस के अधिकारियों और जवानों ने भी सक्रिय सहभागिता निभाई।
गुरुवार को आयोजित इस जनहितकारी अभियान में एसडीओपी योगिता बाली खापर्डे, थाना प्रभारी अशोक वैष्णव, प्रोविजनल सब इंस्पेक्टर तथा थाना स्टाफ ने युवाओं के साथ मिलकर नगर के विभिन्न क्षेत्रों में भ्रमण किया। अभियान का उद्देश्य रात्रि के समय सड़कों पर बैठे या घूमते पशुओं के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को रोकना और पशुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना रहा।
नगर में अक्सर आवारा पशु सड़क किनारे या बीच मार्ग पर बैठे दिखाई देते हैं, जिससे विशेषकर रात के समय वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है और दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में पशुओं के गले में लगाए गए रिफ्लेक्टिव पट्टे अंधेरे में दूर से ही चमकते हैं, जिससे वाहन चालक उन्हें आसानी से देख सकें और हादसों से बचा जा सके।
इस अभियान में युवाओं ने बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई। टीम में हेमंत पैगवार, दीपक मनहर, सुरेंद्र लहरे, कुंवर ओगरे, अजित लहरे, जगमोहन खांडे, जय विक्रांत, बृजपाल पाटले और कन्हैया सूर्यवंशी सहित कई युवाओं ने अपनी सेवाएं दीं।
स्थानीय लोगों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह अभियान केवल गौ सेवा तक सीमित नहीं है, बल्कि सड़क सुरक्षा और सामाजिक जिम्मेदारी का भी उत्कृष्ट उदाहरण है। युवाओं और पुलिस की संयुक्त पहल से नगर में सकारात्मक संदेश गया है तथा अन्य लोगों को भी समाजहित में आगे आने की प्रेरणा मिल रही है।
गौ सेवा और जनहित के इस कार्य ने यह साबित कर दिया है कि यदि समाज और प्रशासन मिलकर प्रयास करें तो छोटी-छोटी पहलें भी बड़े बदलाव का कारण बन सकती हैं। जांजगीर चांपा के युवा आज समाज के लिए एक नई और प्रेरणादायक मिसाल बनकर उभरे हैं।




