राष्ट्रीय रिफ्रेशर कोर्स में जांजगीर-चांपा के छह शिक्षकों ने बढ़ाया मान, कला-संस्कृति आधारित शिक्षण के सीखे नए आयाम,,


राष्ट्रीय रिफ्रेशर कोर्स में जांजगीर-चांपा के छह शिक्षकों ने बढ़ाया मान, कला-संस्कृति आधारित शिक्षण के सीखे नए आयाम,,
जांजगीर-चांपा/रायपुर।
सांस्कृतिक स्रोत एवं प्रशिक्षण केंद्र (सीसीआरटी), नई दिल्ली द्वारा आयोजित “शिक्षा के लिए एकीकृत दृष्टिकोण” विषयक पांच दिवसीय राष्ट्रीय पुनश्चर्या (रिफ्रेशर) प्रशिक्षण सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। इस प्रतिष्ठित प्रशिक्षण में देश के 18 राज्यों से 121 शिक्षकों ने भाग लिया, जिनमें छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के छह शिक्षक भी शामिल रहे।
प्रशिक्षण का आयोजन एससीईआरटी रायपुर एवं डाइट जांजगीर के प्रभारी प्राचार्य एल.के. पांडे के निर्देशन में किया गया। यह रिफ्रेशर कोर्स वर्ष 2023 में हैदराबाद में आयोजित ओरिएंटेशन कार्यक्रम के बाद नई दिल्ली के द्वारका सेक्टर-7 स्थित सीसीआरटी परिसर में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा के वाइस चेयरमैन पद्मश्री प्रो. भारत गुप्त ने किया।
पांच दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को भारतीय कला, संस्कृति एवं साहित्य को शिक्षा से जोड़ने के व्यावहारिक तरीके सिखाए गए। इसमें वास्तुकला, चित्रकला, नृत्य, संगीत, धातुकला, काष्ठकला, मृत्तिकाकला, पेपर क्राफ्ट, मैकरमे और कठपुतली निर्माण जैसी पारंपरिक कलाओं का प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही प्रतिभागियों को कुतुब मीनार की ऐतिहासिक एवं स्थापत्य कला का भी अवलोकन कराया गया।
जांजगीर-चांपा जिले से शिक्षक ललित नारायण उपाध्याय (अमोरा), जुगल किशोर शुक्ला (शंकर), उदय कुमार देवांगन (बालपुर), राजेश तंबोली (बनारी), राजेश सूर्यवंशी (हरदी) एवं जैनेन्द्र तिवारी ने प्रशिक्षण में सहभागिता निभाई। वहीं रायगढ़ जिले से संजय पैकरा और श्रीमती कात्यायनी डडसेना भी शामिल हुए।
प्रशिक्षण से लौटे शिक्षकों ने बताया कि कला एवं संस्कृति आधारित शिक्षण पद्धति से विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता, रचनात्मकता और विषयों के प्रति रुचि बढ़ाने में मदद मिलेगी। इससे विद्यालयों में शिक्षा को अधिक रोचक, व्यवहारिक और प्रभावी बनाने में सहायता मिलेगी।







