चांपा में स्थापित पीआईएल उद्योग के धुएं से जनता परेशान

चांपा में स्थापित पीआईएल उद्योग के धुएं से जनता परेशान
स्थानीय ग्रामीणों ने लगाया प्रदूषण फैलाने का आरोप
चांपा।
जांजगीर-चांपा जिले में यूं तो कई उद्योग स्थापित हैं, लेकिन चांपा के कोटाडबरी क्षेत्र में स्थित प्रकाश इंडस्ट्रीज लिमिटेड (PIL) संयंत्र को लेकर एक बार फिर गंभीर आरोप सामने आए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि संयंत्र से निकलने वाला जहरीला धुआं और उड़ती डस्ट आसपास के वातावरण को बुरी तरह प्रदूषित कर रही है, जिससे आमजन का जीवन प्रभावित हो रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार, संयंत्र के आसपास से गुजरने पर सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन जैसी समस्याएं महसूस होती हैं। आरोप है कि प्लांट से निकलने वाला धुआं स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है और इसके लंबे समय तक संपर्क में रहने से गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
स्थानीय रहवासियों का यह भी कहना है कि आसपास के गांवों के घरों में उद्योग से उड़ने वाली धूल की मोटी परत जमी रहती है। खुले में फैल रही इस डस्ट और धुएं से न सिर्फ गांव वाले, बल्कि उस मार्ग से आने-जाने वाले लोग भी प्रभावित हो रहे हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि प्लांट प्रबंधन नियमों की अनदेखी कर खुलेआम प्रदूषण फैला रहा है। कुछ लोगों ने इस संबंध में पहले शिकायत करने का प्रयास भी किया था, लेकिन उनका दावा है कि प्रबंधन के दबाव या अन्य कारणों से शिकायतें आगे नहीं बढ़ पाईं। यहां तक कि जांच के लिए पहुंचे अधिकारियों पर भी प्रभाव डालने के आरोप लगाए जा रहे हैं—हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
स्थानीय लोगों में यह चर्चा आम है कि अब उन्होंने इस प्रदूषण को अपनी दिनचर्या का हिस्सा मान लिया है, क्योंकि लगातार शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आई।
अब सवाल यह है कि खुले आसमान में छोड़े जा रहे इस कथित जहरीले धुएं और पर्यावरण प्रदूषण पर शासन-प्रशासन क्या संज्ञान लेता है। क्या संबंधित विभाग इस मामले में जांच कर कार्रवाई करेगा, या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा—यह देखने वाली बात होगी।




