चैत्र नवरात्रि में आस्था का केंद्र बना चांपा, विराजी “चांपा वाली माई”, नौ दिनों तक चलेगा भव्य पूजन, सैकड़ों श्रद्धालु पहुंच रहे दर्शन को



चैत्र नवरात्रि में आस्था का केंद्र बना चांपा, विराजी “चांपा वाली माई”, नौ दिनों तक चलेगा भव्य पूजन, सैकड़ों श्रद्धालु पहुंच रहे दर्शन को
चांपा। चैत्र मास की पावन नवरात्रि के अवसर पर चांपा नगर में भक्ति और आस्था का अद्भुत वातावरण देखने को मिल रहा है। जहां आमतौर पर कुंवार नवरात्रि में ही माता दुर्गा की प्रतिमा स्थापित करने की परंपरा रही है, वहीं पिछले दो वर्षों से चांपा नगर के भक्तों द्वारा चैत्र नवरात्रि में भी भव्य पंडाल बनाकर माता की प्रतिमा स्थापित कर पूजा-अर्चना की जा रही है। इस वर्ष भी श्रद्धालुओं के सहयोग से आकर्षक पंडाल का निर्माण कर माता को विराजित किया गया है, जिसे श्रद्धापूर्वक “चांपा वाली माई” के नाम से पुकारा जा रहा है।
यह भव्य पंडाल चांपा के थाना रोड से ब्लॉक की ओर जाने वाली सड़क पर पोस्ट ऑफिस के पास बनाया गया है, जहां सुबह से देर रात तक भक्तों की भीड़ दर्शन के लिए पहुंच रही है। पंडाल को रंग-बिरंगी रोशनी, फूल-मालाओं और धार्मिक सजावट से आकर्षक रूप दिया गया है। माता की प्रतिमा को विशेष श्रृंगार के साथ स्थापित किया गया है, जिससे पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बना हुआ है।
समिति के भक्तजनों ने बताया कि यह आयोजन पिछले दो वर्षों से लगातार किया जा रहा है और अब यह नगर की आस्था का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। चैत्र और कुंवार दोनों नवरात्रि में यहां विधि-विधान से घटस्थापना कर नौ दिनों तक पूजा, आरती, भजन-कीर्तन और माता सेवा की जाती है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग माता के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।
भक्तों ने बताया कि नवरात्रि के समापन पर विधि-विधान के साथ हवन-पूजन किया जाएगा तथा माता की प्रतिमा का विसर्जन धूमधाम से किया जाएगा। आयोजन समिति का कहना है कि यह कार्यक्रम नगर की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना से किया जाता है और इसमें सभी वर्ग के लोगों का सहयोग मिल रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि “चांपा वाली माई” के दरबार में आने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं, यही कारण है कि हर दिन श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती जा रही है और पूरा क्षेत्र जय माता दी के जयकारों से गूंज रहा है।




