मुड़पार (चु.) में धूमधाम से मनी बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की 136वीं जयंती, सामाजिक समरसता का दिया संदेश

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मुड़पार (चु.) में धूमधाम से मनी बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की 136वीं जयंती, सामाजिक समरसता का दिया संदेश


जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत मुड़पार (चु.) में बुद्ध विचार संगठन एवं समस्त ग्रामवासियों के तत्वावधान में भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की 136वीं जयंती अत्यंत हर्षोल्लास, श्रद्धा एवं गरिमामय वातावरण में भव्य रूप से मनाई गई। पूरे ग्राम में उत्सव जैसा माहौल रहा और कार्यक्रम स्थल को आकर्षक सजावट, ध्वज, बैनर एवं प्रकाश व्यवस्था से सजाया गया था।
यह आयोजन केवल एक जयंती समारोह नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना, समानता, शिक्षा और संविधानिक मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बना। बाबा साहब के विचारों को याद करते हुए वक्ताओं ने कहा कि उनका जीवन संघर्ष, त्याग, विद्वता और सामाजिक परिवर्तन की मिसाल है। उन्होंने अपने ज्ञान, साहस और दृढ़ संकल्प से करोड़ों वंचित, शोषित और पीड़ित लोगों को सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार दिलाया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे —
डॉ. दीनानाथ यादव
डॉ. श्रीमती अर्चना बौद्ध
कुणाल रामटेके
विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे —
अस्वनी कुमार कुर्रे
मनोज यादव
अतिथियों का ग्रामवासियों द्वारा आत्मीय स्वागत पुष्पगुच्छ, माल्यार्पण एवं सम्मान के साथ किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत बाबा साहब के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन से हुई। इसके पश्चात संविधान की प्रस्तावना का वाचन किया गया और उपस्थित लोगों ने सामाजिक समरसता एवं भाईचारे का संकल्प लिया।
मुख्य अतिथियों ने अपने उद्बोधन में कहा कि बाबा साहब ने शिक्षा को समाज परिवर्तन का सबसे बड़ा हथियार बताया। आज आवश्यकता है कि युवा पीढ़ी शिक्षा को अपनाए, समाज में जागरूकता फैलाए और अपने अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों का भी पालन करे। उन्होंने कहा कि संविधान केवल एक पुस्तक नहीं, बल्कि देश के हर नागरिक के सम्मान, अधिकार और न्याय की गारंटी है।
वक्ताओं ने कहा कि बाबा साहब का संदेश “शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो” आज भी उतना ही प्रासंगिक है जितना पहले था। यदि समाज को आगे बढ़ाना है, तो भेदभाव मिटाकर समान अवसर, सामाजिक न्याय और भाईचारे की भावना को मजबूत करना होगा।
कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, प्रेरक गीत, भाषण एवं बच्चों द्वारा बाबा साहब के जीवन पर आधारित प्रस्तुति भी दी गई, जिसे उपस्थित लोगों ने खूब सराहा। महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों एवं बच्चों की बड़ी संख्या में सहभागिता से पूरा आयोजन जीवंत और प्रेरणादायक बन गया।
अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों, ग्रामवासियों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। यह आयोजन ग्राम मुड़पार (चु.) के लिए ऐतिहासिक, प्रेरणादायक एवं यादगार अवसर बन गया, जिसने समाज में एकता, जागरूकता और शिक्षा के महत्व का संदेश दिया।
कार्यक्रम की आयोजक बुद्ध विचार संगठन एवं समस्त ग्रामवासियों रहश कुर्रे,कमलेश लहरे,रामचरण कुर्रे,खेमलाल रत्नाकर,प्रमोद कुर्रे,हीरालाल रत्नाकर,लोचन जांगड़े,भागवत अनंत,रवि रत्नाकर,कृष्ण दिनकर,अजय भारद्वाज,जगदीश लहरे ,कंद्रभान कुर्रे,किशोर लहरे।

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