एल्डरमेंन नियुक्ति में देवांगन समाज की उपेक्षा नागेंद्र गुप्ता

एल्डरमेंन नियुक्ति में देवांगन समाज की उपेक्षा नागेंद्र गुप्ता
चांपा । नगर पालिका परिषद चांपा में भारतीय जनता पार्टी सरकार द्वारा ढाई वर्ष बाद की गई हैं एल्डरमेंन नियुक्तियों  पर जिला कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता नागेंद्र गुप्ता ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि भाजपा ने एक बार फिर सामाजिक न्याय और समान प्रतिनिधित्व के अपने दावों की पोल खोल दी है।
उन्होंने कहा कि चांपा नगर की आबादी में लगभग 30 से 35 प्रतिशत हिस्सेदारी रखने वाले देवांगन समाज के एक भी महिला या पुरुष को पांच एल्डरमेनो में स्थान नहीं दिया जाना यह केवल एक समाज की उपेक्षा नहीं, बल्कि हजारों नागरिकों की भावनाओं का अपमान है। भाजपा चुनाव के समय हर समाज को सम्मान और भागीदारी का भरोसा देती है, लेकिन सत्ता में आते ही  सामाजिक वर्गों की अनदेखी करना उसकी कार्यशैली बन गई है।
नागेंद्र गुप्ता ने कहा कि आश्चर्य की बात यह है कि भाजपा ने नियुक्तियों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा सोनी समाज को भी  प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया इससे स्पष्ट होता है कि भाजपा का सामाजिक समरसता का दावा केवल भाषणों तक सीमित है। जब प्रतिनिधित्व देने का अवसर आता है, तब कुछ चुनिंदा लोगों तक ही अवसर सीमित कर दिए जाते हैं।
उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने एल्डरमेन नियुक्तियों में सभी समाजों को सम्मानजनक भागीदारी देकर सामाजिक संतुलन बनाए रखा था। कांग्रेस की नीति हमेशा सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की रही है, जबकि भाजपा की वर्तमान नियुक्तियां भेदभावपूर्ण और पक्षपातपूर्ण प्रतीत होती हैं।
नागेंद्र गुप्ता ने कहा कि भाजपा को स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर चांपा जैसे नगर, जहां देवांगन समाज सबसे बड़े सामाजिक वर्गों में से एक है, वहां इस समाज को पूरी तरह नजरअंदाज करने का आधार क्या था। यदि भाजपा वास्तव में ‘सबका साथ, सबका विकास’ के अपने नारे पर विश्वास करती है, तो उसे इस भेदभावपूर्ण सोच से बाहर निकलकर सभी समाजों को समान सम्मान और प्रतिनिधित्व देना चाहिए।

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