



‘चांपा वाली माई’ के पंडाल में माता प्रेम के साथ होंगे 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन
70 फीट ऊंचे और 110 फीट गहरे भव्य पंडाल में विराजेंगी माता रानी, पश्चिम बंगाल के कारीगर दे रहे पंडाल और भोलेनाथ की प्रतिमा को आकर्षक स्वरूप
चांपा। शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर इस वर्ष चांपा में श्रद्धा, भक्ति और भव्यता का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। नगर के थाना चौक के पास पोस्ट ऑफिस के बगल में ‘चांपा वाली माई’ का भव्य दरबार सजाया जा रहा है। इस पंडाल की सबसे खास बात यह होगी कि यहां माता रानी के दर्शन के साथ श्रद्धालुओं को देशभर में स्थापित 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन का भी सौभाग्य प्राप्त होगा।
नवरात्रि को लेकर नगर में तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। जगह-जगह माता रानी की प्रतिमाएं विराजित करने के लिए पंडाल तैयार किए जा रहे हैं, लेकिन ‘चांपा वाली माई’ का यह दरबार अपने धार्मिक स्वरूप और विशालता के कारण इस बार विशेष आकर्षण का केंद्र बनने जा रहा है।
70 फीट ऊंचा होगा भव्य पंडाल
‘चांपा वाली माई’ के लिए तैयार किए जा रहे पंडाल को करीब 70 फीट ऊंचा, 60 फीट चौड़ा और 110 फीट गहरा बनाया जा रहा है। विशाल आकार के साथ पंडाल को विशेष धार्मिक थीम पर तैयार किया जा रहा है, जिसमें माता रानी के साथ भगवान भोलेनाथ और 12 ज्योतिर्लिंगों की झलक श्रद्धालुओं को देखने को मिलेगी।
पंडाल में प्रवेश करने वाले श्रद्धालुओं को धार्मिक वातावरण के बीच माता रानी के दर्शन के साथ भगवान शिव की आराधना और ज्योतिर्लिंगों के दर्शन का आध्यात्मिक अनुभव कराने का प्रयास किया जा रहा है।
पश्चिम बंगाल के कारीगर दे रहे भव्य स्वरूप
पंडाल को आकर्षक और जीवंत स्वरूप देने के लिए पश्चिम बंगाल से विशेष रूप से बुलाए गए कुशल कारीगर दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। पंडाल की कलाकारी, सजावट, धार्मिक आकृतियों, देवी-देवताओं के स्वरूप और विभिन्न चित्रों को तैयार करने का काम इन्हीं कारीगरों द्वारा किया जा रहा है।
खास तौर पर भगवान भोलेनाथ की भव्य प्रतिमा और उनके विभिन्न स्वरूपों से जुड़े चित्रों एवं कलाकृतियों को पश्चिम बंगाल के कारीगर अपनी विशेष कला-कौशल से आकार दे रहे हैं। उनकी बारीक कारीगरी पंडाल की भव्यता को और बढ़ाने वाली है।
माता रानी के साथ भोलेनाथ के होंगे दर्शन
पंडाल में माता रानी की भव्य प्रतिमा के साथ भगवान भोलेनाथ की विशाल प्रतिमा भी स्थापित की जा रही है। धार्मिक थीम को इस तरह तैयार किया जा रहा है कि श्रद्धालुओं को शक्ति और शिव की भक्ति के साथ 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन का भी अवसर मिले।
आयोजन समिति द्वारा इस बार पंडाल को महज सजावट तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि इसे आस्था, धार्मिक संस्कृति और कलात्मकता के संगम के रूप में तैयार किया जा रहा है।
नौ दिनों तक होगा रुद्राभिषेक
नवरात्रि के दौरान माता रानी की नियमित पूजा-अर्चना और आरती के साथ नौ दिनों तक भगवान भोलेनाथ का रुद्राभिषेक एवं विशेष पूजन कराया जाएगा। इसके साथ ही श्रद्धालुओं के लिए विभिन्न धार्मिक एवं विशेष कार्यक्रमों का आयोजन भी समिति द्वारा किया जाएगा।
आरती के बाद भक्तों को मिलेगा प्रसाद
नवरात्रि के प्रत्येक दिन पूजा और आरती के पश्चात श्रद्धालुओं के लिए विभिन्न प्रकार के व्यंजनों का प्रसाद तैयार कर वितरित किया जाएगा। समिति द्वारा भक्तों की सुविधा और धार्मिक वातावरण को ध्यान में रखते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
9 अक्टूबर को होगा माता रानी का भव्य आगमन
माता रानी का 9 अक्टूबर को भव्य आगमन होने जा रहा है। इसे लेकर समिति के सदस्य लगातार बैठकें कर तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं। माता आगमन को भी भव्य एवं आधुनिक स्वरूप देने की तैयारी की जा रही है।
नवरात्रि में इस बार ‘चांपा वाली माई’ का यह दरबार श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण रहने वाला है। यहां माता रानी की भक्ति, भगवान भोलेनाथ की आराधना, 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन और पश्चिम बंगाल के कारीगरों की कलात्मक कारीगरी एक साथ देखने को मिलेगी। यही वजह है कि नवरात्रि शुरू होने से पहले ही थाना चौक के पास तैयार हो रहा यह भव्य पंडाल नगर में चर्चा का विषय बना हुआ है।



