बेटे तथ्य के दूसरे जन्मदिन पर भाजपा नेता नवीन सोनी ने किया सफाई कर्मियों का सम्मान

बेटे तथ्य के दूसरे जन्मदिन पर भाजपा नेता नवीन सोनी ने किया सफाई कर्मियों का सम्मान

शॉल भेंटकर कराया भोजन, सेवा और संवेदना के साथ मनाया जन्मदिन; पहले जन्मदिन पर वृद्धाश्रम में बांटी थीं खुशियां

चांपा। भाजपा युवा मोर्चा के नेता नवीन सोनी ने अपने बेटे तथ्य के दूसरे जन्मदिन को सामाजिक सरोकारों से जोड़ते हुए एक सराहनीय पहल की। इस अवसर पर उन्होंने अपने परिवार के साथ सफाई कर्मियों को शॉल भेंटकर सम्मानित किया और उन्हें भोजन कराया। जन्मदिन के इस आयोजन के माध्यम से उन्होंने समाज में सेवा, संवेदना और मानवीय मूल्यों का संदेश दिया।

इस अवसर पर नवीन सोनी ने कहा कि सफाई कर्मी समाज के वास्तविक कर्मयोगी हैं। वे दिन-रात मेहनत कर शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनके परिश्रम और समर्पण से ही हमारा परिवेश स्वच्छ रहता है। ऐसे कर्मठ लोगों का सम्मान करना हम सभी का नैतिक दायित्व है।

उन्होंने कहा कि जन्मदिन जैसे खुशी के अवसर को समाजसेवा से जोड़कर मनाने से सच्ची प्रसन्नता मिलती है। अपने सुख के साथ दूसरों के चेहरे पर मुस्कान लाना ही किसी उत्सव की वास्तविक सार्थकता है। इसी सोच के साथ परिवार ने सफाई कर्मियों का सम्मान कर उनके प्रति आभार व्यक्त किया।

पहले जन्मदिन पर वृद्धाश्रम में मनाया था उत्सव

नवीन सोनी ने बताया की यह पहल पहली बार नहीं है। उन्होंने अपने बेटे तथ्य का पहला जन्मदिन भी वृद्धाश्रम में मनाया था। इस बार दूसरे जन्मदिन पर सफाई कर्मियों को सम्मानित कर उन्होंने सामाजिक जिम्मेदारी निभाने की अपनी परंपरा को आगे बढ़ाया। उनकी इस पहल को समाजसेवा और जरूरतमंदों के साथ खुशियां साझा करने की प्रेरणादायक मिसाल के रूप में देखा जा रहा है।

परिवार और गणमान्य नागरिकों ने दिया आशीर्वाद

इस अवसर पर नवीन सोनी के पिता जनक राम सोनी, माता विजय लक्ष्मी सोनी, पत्नी एकता सोनी, बड़े पिता शिवराम सोनी सहित परिवार के अन्य सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम में शशिभूषण सोनी, संतोष थवाईत, आदर्श पाण्डेय, लव देवांगन, अधिवक्ता संघ चांपा के सदस्य तथा नगर के गणमान्य नागरिकों ने भी शिरकत की। सभी ने जन्मदिन के अवसर पर तथ्य को स्नेह और आशीर्वाद प्रदान किया।

सफाई कर्मियों के सम्मान और भोजन के इस आयोजन ने जन्मदिन को केवल पारिवारिक उत्सव तक सीमित न रखते हुए सामाजिक सहभागिता और मानवीय संवेदना का अवसर बना दिया।

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