जांजगीर-चांपा में हाईटेंशन टावर पर चढ़ा किसान, टोकन नहीं कटने से परेशान – प्रशासन उतारने में जुटा,विवादों में धुरकोट मंडी

जांजगीर-चांपा में हाईटेंशन टावर पर चढ़ा किसान, टोकन नहीं कटने से परेशान – प्रशासन उतारने में जुटा
जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम कसौंदी में धान बिक्री से जुड़ी समस्या को लेकर एक किसान ने खतरनाक कदम उठा लिया। टोकन नहीं कटने और धान की बिक्री नहीं होने से परेशान किसान 120 फीट ऊंचे हाईटेंशन टावर पर चढ़ गया। मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का है, जहां किसान को सुरक्षित उतारने के लिए प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर मौजूद है।
खबर विस्तार :
जानकारी के अनुसार ग्राम कसौंदी निवासी किसान अनिल गढ़वाल (35 वर्ष), जिनके पास 2.77 एकड़ कृषि भूमि है, इस वर्ष धान की बिक्री को लेकर गंभीर संकट में हैं। किसान अब तक गौद एवं धुरकोट धान मंडी में 29 क्विंटल धान बेच चुका है, जबकि 29 क्विंटल धान की बिक्री अब भी शेष है।
शेष धान के लिए टोकन नहीं कटने से आहत किसान शनिवार सुबह घर से निकलकर गांव से होकर गुजर रहे 120 फीट ऊंचे हाईटेंशन टावर पर चढ़ गया।
घटना की सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली पुलिस, तहसीलदार राजकुमार मरावी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। प्रशासन द्वारा किसान को समझाने की लगातार कोशिश की जा रही है, लेकिन किसान का कहना है कि जब तक बचा हुआ धान नहीं बिकेगा, वह टावर से नीचे नहीं उतरेगा।
सुरक्षा की दृष्टि से नगर सेना के जवान रेस्क्यू जाली के साथ मौके पर मौजूद हैं और टावर के नीचे जाली बिछा दी गई है।
वर्जन – विधायक व्यास कश्यप :
विधायक व्यास कश्यप ने कहा कि किसान की समस्या अत्यंत गंभीर है। धान खरीदी में टोकन नहीं कटना प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है। मामले को संज्ञान में लेते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसान का बचा हुआ धान शीघ्र खरीदा जाए। किसान की जान सर्वोपरि है, उसे सुरक्षित नीचे उतारना और समस्या का तत्काल समाधान प्रशासन की जिम्मेदारी है।
विवादों में घिरी धुरकोट धान मंडी :
धुरकोट धान मंडी लगातार विवादों के घेरे में बनी हुई है। पहले मंडी प्रभारी को लेकर विवाद सामने आया था, जिसे लेकर शासन द्वारा प्रभारी को निलंबित कर नए प्रभारी की नियुक्ति के निर्देश दिए गए थे।
इसके बावजूद मंडी अध्यक्ष द्वारा शासन की गाइडलाइन और मंडी अधिनियमों की अनदेखी करते हुए एक मंडी में दो अध्यक्षों की नियुक्ति कर दी गई। इस त्रुटि को सुधारने के लिए विभाग द्वारा पत्राचार भी किया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है।


ताज़ा मामला किसान अनिल का है, जो धान नहीं बिकने और कर्ज के दबाव में आकर हाईटेंशन टावर पर चढ़ गया। फिलहाल प्रशासनिक टीम किसान को सुरक्षित नीचे उतारने के प्रयास में जुटी हुई है।




